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​आबकारी विभाग ने छत्रपति संभाजीनगर में सेना के हवलदार को पकड़ा

छत्रपति संभाजीनगर में सैन्य कैंटीन से रियायती दरों पर मिलने वाली महंगी विदेशी शराब को कथित तौर पर बाहर बेचने के मामले में राज्य आबकारी विभाग ने सेना के एक हवलदार को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर कैंटीन से शराब की बोतलें जुटाकर 20 से 30 प्रतिशत मुनाफे पर बेचने का आरोप है। गुरुवार की रात ओयासिस चौक पर की गई कार्रवाई में आबकारी विभाग की ‘ड’ टीम ने कार सहित 6 लाख 92 हजार 725 रुपये का सामान जब्त किया।

​आबकारी विभाग ने छत्रपति संभाजीनगर में सेना के हवलदार को पकड़ा

गिरफ्तार हवलदार की पहचान संतराम विठ्ठल पदातुरे के रूप में हुई है। वह मूल रूप से भुतेकरवाड़ी, तहसील अहमदपुर, जिला लातूर का निवासी है और वर्तमान में छत्रपति संभाजीनगर छावनी स्थित 36 मीडियम मराठा बटालियन की अदर रैंक लाइन में रहता है।

गुप्त सूचना के आधार पर राज्य आबकारी विभाग की टीम ने छत्रपति संभाजीनगरअहिल्यानगर मार्ग पर ओयासिस चौक में जाल बिछाया। इसी दौरान पदातुरे की कार को रोककर तलाशी ली गई। कार से केवल सैन्य कर्मियों के लिए आरक्षित उच्च गुणवत्ता वाली स्कॉच, व्हिस्की, ब्रांडी, बीयर और रम की 750 मिलीलीटर क्षमता वाली 83 सीलबंद बोतलें बरामद हुईं।

यह कार्रवाई राज्य आबकारी विभाग के छत्रपति संभाजीनगर संभाग के प्रभारी संभागीय उपआयुक्त एवं अधीक्षक अभिनव बालुरे तथा उपअधीक्षक गुणाजी क्षीरसागर के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई करने वाली ‘ड’ विभाग की टीम में निरीक्षक अजय टी. बगाटे, द्वितीय निरीक्षक बालासाहेब नवले, द्वितीय निरीक्षक गणेश उंडे, सहायक द्वितीय निरीक्षक गणेश नागवे तथा जवान योगेश घुनावत, श्रावण खरात और किसन सुंदर्डे शामिल थे।

50 प्रतिशत छूट पर शराब, 20 से 30 प्रतिशत मुनाफे पर बिक्री

सूत्रों के अनुसार, सैन्यकर्मियों को उनके निर्धारित कोटे के तहत शराब खुले बाजार की कीमत से लगभग 50 प्रतिशत कम दर पर उपलब्ध होती है। यह शराब आम लोगों को नहीं मिलती, इसलिए इसके शौकीनों के बीच इसकी काफी मांग रहती है। इसी मांग का कथित तौर पर फायदा उठाते हुए छत्रपति संभाजीनगर छावनी में तैनात हवलदार संतराम पदातुरे शराब की बोतलें जमा करता था और उन पर 20 से 30 प्रतिशत अतिरिक्त मुनाफा रखकर बाहर ऊंची कीमत पर बेचता था।

सैन्य बल में हवलदार रैंक के जवान को आर्मी कैंटीन से हर महीने शराब की पांच बोतलें मिलती हैं। ऐसे में जांच का प्रमुख सवाल यह है कि कैंटीन की कड़ी सुरक्षा और नियमों के बावजूद आरोपी इतनी बड़ी संख्या में महंगी शराब की 83 बोतलें बाहर कैसे ले आया।

जांच अधिकारी यह भी पता लगा रहे हैं कि आरोपी कितने समय से शराब की बोतलें जमा करके बेच रहा था और इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता है या नहीं। कैंटीन से मिलने वाली रियायती शराब के कथित दुरुपयोग का यह मामला सैन्य कैंटीन के नियमों और शराब की आपूर्ति व्यवस्था से जुड़े सवालों को भी सामने लाता है।

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