नई दिल्ली: रक्षाबंधन के त्योहार को लेकर देशभर के बाजारों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। उद्योग और व्यापार जगत के अनुमान के मुताबिक, रक्षाबंधन के मौके पर देश में करीब 25 हजार करोड़ रुपये तक का कारोबार हो सकता है। राखियों के साथ मिठाई, ड्राई फ्रूट्स, गिफ्ट पैक, कपड़े, सजावटी सामान और अन्य उपहारों की खरीदारी से बाजारों में रौनक बढ़ने की उम्मीद है।

व्यापारिक संगठनों का मानना है कि स्वदेशी और डिजाइनर राखियों की मांग लगातार बढ़ रही है। स्थानीय कारीगरों और महिला उद्यमियों द्वारा तैयार की गई राखियों को भी बाजार में अच्छा समर्थन मिलने की संभावना है। पिछले वर्षों में रक्षाबंधन से जुड़े कारोबार में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है—2024 में करीब 12 हजार करोड़ और 2025 में राखी व उससे जुड़े उत्पादों सहित लगभग 21 हजार करोड़ रुपये के व्यापार का अनुमान जताया गया था।
हालांकि 2026 के लिए 25 हजार करोड़ रुपये के अनुमान को लेकर अलगअलग व्यापारिक आकलन सामने आ सकते हैं। हालिया रिपोर्टों में इस वर्ष रक्षाबंधन कारोबार 30 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान भी प्रकाशित हुआ है, जिससे साफ है कि त्योहार का बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है।


