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Explainer: IPL 2026 में कोई कर रहा वेपिंग तो कोई पी रहा ई-सिगरेट, जानें एक दूसरे से कितनी अलग हैं ये दो चीजें

Yuzvendra Chahal Vape Video Controversy: आईपीएल 2026 इस वक्त क्रिकेट से ज्यादा नशे के कारण चर्चा का विषय बना हुआ है। कुछ दिन पहले ही राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग स्टेडियम में ईसिगरेट पीते हुए देखा गया था। अब पंजाब किंग्स के गेंदबाज युजवेंद्र चहल को प्लेन में वेपिंग करते हुए देखा गया।

Explainer: IPL 2026 में कोई कर रहा वेपिंग तो कोई पी रहा ई-सिगरेट, जानें एक दूसरे से कितनी अलग हैं ये दो चीजें
Explainer: IPL 2026 में कोई कर रहा वेपिंग तो कोई पी रहा ई-सिगरेट, जानें एक दूसरे से कितनी अलग हैं ये दो चीजें

ऐसी घटनाओं के बाद फैंस और पूर्व खिलाड़ियों में काफी गुस्सा देखा जा रहा है। युजवेंद्र चहल पंजाब किंग्स के दूसरे खिलाड़ी अर्शदीप सिंह के ब्लॉग में वेप के कश लेते हुए देखें गए। वीडियो में साफ देखा जा रहा है कि जैसे ही चहल को एहसास हुआ कि कैमरा उनकी तरफ है, इसके तुरंत बाद उन्होंने इसे छुपाने की कोशिस की। अब तक कहा जा रहा है कि इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं हो पाई है।

रियान पराग का कांड फिर आया याद

युजवेंद्र चहल के इस वीडियो के सामने आते ही लोगों को राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग के ईसिगरेट कांड की याद आ गई। हाल में कप्तान पराग को मैच के दौरान उन्य खिलाड़ियों के बगल में बैठकर ईसिगरेट पीते हुआ देखा गया था। उस दौरान बीसीसीआई ने उन पर मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया था।

अब चहल के मामले में भी फैंस और क्रिकेट विशेषज्ञ सवाल उठा रहे हैं कि क्या बोर्ड सिर्फ आर्थिक दंड देकर ऐसे गंभीर अनुशासनहीनता के मामलों को नजरअंदाज कर देगा? वहीं शिवरामकृष्णन ने भी सवाल उठाते हुए कहा कि अगर यही हरकत कोई आम व्यक्ति करता, तो क्या पुलिस उसे इतनी आसानी से छोड़ देती?

बीसीसीआई का निर्देश

लगातार सामने आ रहे विवादों के बीच सचिव देवजीत सैकिया ने कड़ा रुख अपनाया है। बोर्ड ने सभी आईपीएल टीमों के लिए नए दिशानिर्देश जारी करते हुए ईसिगरेट और अन्य प्रतिबंधित पदार्थों को आईपीएल वेन्यू, ड्रेसिंग रूम, डगआउट, टीम होटल और प्रैक्टिस एरिया में पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है। बीसीसीआई ने स्पष्ट कहा है कि खिलाड़ियों को रोल मॉडल की तरह आचरण करना चाहिए, क्योंकि मैदान के बाहर की ऐसी गतिविधियां खेल की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि क्या चहल के खिलाफ कोई आधिकारिक कार्रवाई की जाएगी या यह मामला भी समय के साथ ठंडा पड़ जाएगा।

वेपिंग और ईसिगरट में अंतर

मिली जानकारी के मुताबिक वेपिंग और ईसिगरेट में फर्क डिवाइस और उसके इस्तेमाल का होता है। एक बैटरी से चलने वाला इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है, जो निकोटीन मिले लिक्विड को गर्म करके धुंध जैसी गैस तैयार करता है। वहीं वेपिंग उस धुंध या एरोसोल को सांस के जरिए अंदर लेने की प्रक्रिया को कहा जाता है। लोग इसे सामान्य भाप समझते हैं, लेकिन यह कई रसायनों से बना एरोसोल होता है, जो शरीर के लिए नुकसानदायक माना जाता है। ईसिगरेट और वेपिंग दोनों को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जाता है और कई देशों में इनके उपयोग पर सख्त नियम लागू हैं।

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