
राजधानी दिल्ली में बिल्डरों और कारोबारियों के बीच दहशत फैलाने की साजिश रचने वाले इंटरस्टेट रंगदारी गैंग का दिल्ली पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया है। इस हाई-प्रोफाइल रंगदारी और फायरिंग कांड के मास्टरमाइंड पवन कुमार उर्फ पवन पहलवान को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया, जबकि पूरे षड्यंत्र में शामिल पांच आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया जा चुका है।
30 लाख की रंगदारी, इनकार पर चला दी गोली
29 जून को पहाड़गंज के आर्य नगर स्थित एक बिल्डर के कार्यालय में हथियारबंद बदमाश पहुंचा और 30 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। उसने तुरंत 5 लाख रुपये देने की मांग करते हुए धमकी दी कि उसके साथी आसपास मौजूद हैं। जब बिल्डर ने पैसे देने से इनकार किया तो आरोपी ने जान से मारने की नीयत से गोली चला दी और मौके से फरार हो गया।
होटल में बैठकर रची गई थी पूरी साजिश
जांच में सामने आया कि यह वारदात अचानक नहीं हुई थी। आरोपी दिल्ली के पहाड़गंज स्थित एक होटल में कई बार गुप्त बैठकें कर पूरी साजिश रच रहे थे। स्थानीय बिल्डर और होटल कारोबारी पवन चेतली तथा उसके सहयोगी राजेश सचदेवा उर्फ सोनू मोटा गैंग को ठिकाना, बैठक की जगह और पीड़ित परिवार की पूरी जानकारी उपलब्ध करा रहे थे।
मकसद सिर्फ रंगदारी नहीं, पूरे इलाके में दहशत फैलाना था
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी पवन पहलवान खुद को बड़ा फाइनेंसर बताता था, जबकि उसका असली मकसद पहाड़गंज के बिल्डरों और कारोबारियों में खौफ पैदा कर अपना रंगदारी नेटवर्क खड़ा करना था। वहीं, स्थानीय बिल्डर पवन चेतली इस वारदात के जरिए अपने व्यावसायिक प्रतिद्वंद्वियों को डराकर इलाके में अपना दबदबा बढ़ाना चाहता था।
इंस्टाग्राम पर पुलिस को दे रहा था खुली चुनौती
वारदात के बाद पवन पहलवान लगातार सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ वीडियो पोस्ट कर रहा था। वह फायरिंग की जिम्मेदारी लेते हुए पुलिस को खुली चुनौती दे रहा था और पीड़ित को दोबारा नुकसान पहुंचाने की धमकियां भी दे रहा था। यही नहीं, उसने घटना से जुड़ी खबरें भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा कर दहशत फैलाने की कोशिश की।
आई.पी. एस्टेट में मुठभेड़, दोनों पैरों में लगी गोली
गुप्त सूचना पर सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट स्पेशल स्टाफ की टीम ने आई.पी. एस्टेट स्थित कब्रिस्तान के पास आरोपी को घेर लिया। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके दोनों पैरों में लगी। घायल अवस्था में उसे दबोच लिया गया और अस्पताल में भर्ती कराया गया।
कोलकाता से दबोचा गया मुख्य साजिशकर्ता
घटना के बाद फरार हुआ मुख्य साजिशकर्ता शक्ति सिंह को दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम ने कोलकाता से गिरफ्तार किया। ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाकर उससे पूछताछ की गई, जिसके बाद पूरे इंटरस्टेट रंगदारी नेटवर्क का खुलासा हुआ।
पहले हुई थी ‘भांजा’ की गिरफ्तारी
इस मामले में सबसे पहला बड़ा सुराग विशाल भाटी उर्फ भांजा की गिरफ्तारी से मिला। उसकी निशानदेही पर पुलिस पूरे षड्यंत्र और बाकी आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।
पांच आरोपी गिरफ्तार, कई पुराने मुकदमे भी सामने आए
अब तक गिरफ्तार आरोपियों में पवन पहलवान, शक्ति सिंह, विशाल भाटी, पवन चेतली और राजेश सचदेवा उर्फ सोनू मोटा शामिल हैं। जांच में सामने आया कि शक्ति सिंह पर दिल्ली के विभिन्न थानों में 13 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि पवन चेतली और राजेश सचदेवा पर भी मारपीट और अन्य अपराधों के कई मुकदमे दर्ज हैं।
हथियार और चोरी की बाइक बरामद
पुलिस ने पवन पहलवान के कब्जे से एक अत्याधुनिक पिस्टल, दो जिंदा कारतूस, तीन खाली खोखे तथा एक चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की है। बरामद बाइक पहले से दर्ज चोरी के मामले से जुड़ी मिली है।
दिल्ली पुलिस की बड़ी कामयाबी
सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), होटल रिकॉर्ड, तकनीकी निगरानी और मुखबिर तंत्र की मदद से दिल्ली पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल रंगदारी और फायरिंग कांड का खुलासा किया। पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क की आर्थिक जांच, इस्तेमाल किए गए अन्य हथियारों की बरामदगी और बाकी सहयोगियों की तलाश जारी है।



