: क्या आपके पैन और आधार की जानकारी का इस्तेमाल कर किसी ने आपके नाम पर फर्जी GST रजिस्ट्रेशन तो नहीं करा लिया, अगर ऐसा हुआ है तो आपके लिए बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है। आपके नाम पर ऐसे कारोबार की टैक्स देनदारी आ सकती है, जिसे आपने कभी चलाया ही नहीं। इसी गंभीर मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है।

PANAadhaar के गलत इस्तेमाल पर हाईकोर्ट सख्त
दिल्ली हाईकोर्ट में फर्जी GST रजिस्ट्रेशन से जुड़े दो मामलों की सुनवाई चल रही है। इनमें से एक मामला नेहा नाम की महिला ने दायर किया है। महिला का आरोप है कि किसी दूसरे व्यक्ति ने उनके PAN और Aadhaar की जानकारी का गलत इस्तेमाल करते हुए धोखाधड़ी से उनके नाम पर GST रजिस्ट्रेशन करा लिया।
अदालत ने कहा कि उसके सामने इस तरह का यह दूसरा मामला है। अगर महिला के आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह गंभीर चिंता का विषय है। इससे यह संभावना भी सामने आती है कि दूसरे लोगों के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर भी फर्जी GST रजिस्ट्रेशन कराया गया हो।
फर्जी GST से बढ़ सकती है टैक्स की परेशानी
फर्जी GST रजिस्ट्रेशन का सबसे बड़ा खतरा टैक्स देनदारी को लेकर है। जिस व्यक्ति के PAN और Aadhaar का इस्तेमाल हुआ है, उसके नाम पर ऐसे कारोबार से जुड़ी टैक्स देनदारी आ सकती है, जिसे उसने कभी किया ही नहीं।
ऐसी स्थिति में संबंधित व्यक्ति को यह साबित करना पड़ सकता है कि उसने GST के लिए आवेदन नहीं किया था और उसके दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल किया गया है।
GST रजिस्ट्रेशन में फेस वेरिफिकेशन का सुझाव
मामले में अदालत की मदद कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता तरुण गुलाटी ने फर्जी GST रजिस्ट्रेशन रोकने के लिए कई सुझाव दिए हैं। इनमें आधार डेटाबेस के जरिए फेस वेरिफिकेशन जरूरी करने का सुझाव भी शामिल है।
इसके लिए GST आवेदन करने वाले व्यक्ति का करीब 20 से 30 सेकंड का वीडियो लिया जा सकता है। इससे आवेदन करने वाले व्यक्ति की पहचान की पुष्टि की जा सकेगी और किसी दूसरे व्यक्ति के दस्तावेजों का इस्तेमाल करके GST लेने की संभावना कम हो सकती है।
IP एड्रेस और डिवाइस लोकेशन का रिकॉर्ड
फर्जी GST रजिस्ट्रेशन रोकने के लिए आवेदन के दौरान इस्तेमाल किए गए IP एड्रेस और डिवाइस लोकेशन का रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का सुझाव भी दिया गया है।
इससे भविष्य में GST फ्रॉड की शिकायत सामने आने पर जांच एजेंसियों को यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि आवेदन किस डिवाइस और किस जगह से किया गया था।
हाईकोर्ट ने मजबूत व्यवस्था बनाने को कहा
दिल्ली हाईकोर्ट ने निर्दोष लोगों केपैन और आधार का गलत इस्तेमाल कर फर्जी GST रजिस्ट्रेशन कराने के मामलों को रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था तैयार करने पर जोर दिया है।
अदालत ने संबंधित अधिकारियों को इस समस्या का समाधान तलाशने का आखिरी मौका दिया है। अब मामले की अगली सुनवाई 8 सितंबर को होगी।
क्या आपके नाम पर भी GST रजिस्ट्रेशन है
अगर किसी व्यक्ति को संदेह है कि उसके पैन और आधार का इस्तेमाल कर फर्जी GST रजिस्ट्रेशन कराया गया है, तो उसे अपने नाम से जुड़े GST रजिस्ट्रेशन की जानकारी की जांच करनी चाहिए। किसी गड़बड़ी की स्थिति में संबंधित विभाग के सामने इसकी शिकायत की जा सकती है।
नोट: फर्जी GST रजिस्ट्रेशन रोकने के लिए Face Verification और अन्य उपाय फिलहाल अदालत के सामने सुझाए गए हैं। इन्हें लागू करने को लेकर अंतिम व्यवस्था संबंधित अधिकारियों के जवाब और आगे की कोर्ट कार्यवाही के बाद स्पष्ट होगी।



