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‘फर्जी रिपोर्ट’ या सच्चाई का खुलासा? दिल्ली BJP ने उठाए बड़े सवाल, CM भगवंत मान के इस्तीफे की मांग तेज…

‘फर्जी रिपोर्ट’ या सच्चाई का खुलासा? दिल्ली BJP ने उठाए बड़े सवाल, CM भगवंत मान के इस्तीफे की मांग तेज…

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े कथित वीडियो विवाद पर दिल्ली भाजपा ने बड़ा हमला बोला है। भाजपा नेताओं हर्ष मल्होत्रा और अरविंदर सिंह लवली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अकाल तख्त की रिपोर्ट को सही बताते हुए भगवंत मान के इस्तीफे की मांग की। वहीं निजी लैब की रिपोर्ट और उस पर कथित दबाव के आरोपों ने पूरे विवाद को और गहरा कर दिया है।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े कथित वीडियो विवाद ने अब राजनीतिक और धार्मिक दोनों स्तरों पर नया मोड़ ले लिया है। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और यमुनापार विकास बोर्ड के चेयरमैन सरदार अरविंदर सिंह लवली ने मंगलवार को आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री भगवंत मान पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की।

प्रेस वार्ता में भाजपा नेताओं ने दावा किया कि कुछ माह पहले सामने आए एक वीडियो में मुख्यमंत्री भगवंत मान कथित रूप से सिख मर्यादाओं का उल्लंघन करते दिखाई दिए थे। इस मामले को लेकर सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था श्री अकाल तख्त साहिब ने कथित तौर पर सरकारी प्रयोगशालाओं से वीडियो की जांच कराई थी।

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि अकाल तख्त साहिब द्वारा कराई गई जांच में मुख्यमंत्री भगवंत मान को दोषी पाया गया था। उन्होंने दावा किया कि इसी आधार पर हाल ही में सिंह साहिबानों द्वारा एक धार्मिक आदेश भी जारी किया गया, जिसमें सिख समुदाय को भगवंत मान से दूरी बनाए रखने की बात कही गई।

निजी लैब की रिपोर्ट पर उठे सवाल

हर्ष मल्होत्रा ने आरोप लगाया कि अकाल तख्त की रिपोर्ट सामने आने के बाद पंजाब सरकार ने इस पूरे मामले को खारिज करते हुए वीडियो को फर्जी बताया और दावा किया कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति भगवंत मान नहीं है।

उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने अपनी बात को सही साबित करने के लिए एक निजी लैब की रिपोर्ट का सहारा लिया। भाजपा नेताओं का सवाल है कि जब धार्मिक संस्था ने सरकारी प्रयोगशालाओं से जांच करवाई थी तो फिर पंजाब सरकार को निजी लैब की जरूरत क्यों पड़ी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में हर्ष मल्होत्रा ने दावा किया कि हाल ही में कुछ वीडियो सामने आए हैं, जिनके बाद हरियाणा पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित निजी लैब के संचालक ने स्वयं यह खुलासा किया है कि उस पर कथित रूप से दबाव बनाया गया और रिपोर्ट तैयार करने के लिए आर्थिक प्रलोभन भी दिया गया।

हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है और संबंधित पक्षों की ओर से इस संबंध में विस्तृत प्रतिक्रिया भी सामने नहीं आई है।

“सिर्फ राजनीति नहीं, आस्था का विषय”

सरदार अरविंदर सिंह लवली ने कहा कि यह मामला केवल राजनीतिक विवाद नहीं है बल्कि करोड़ों सिख श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं से जुड़ा विषय है।

उन्होंने कहा कि अकाल तख्त साहिब का सिख धर्म में सर्वोच्च स्थान है और इतिहास में बड़े-बड़े राजनीतिक नेता, मुख्यमंत्री तथा अधिकारी भी अकाल तख्त के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखते रहे हैं। ऐसे में किसी भी स्तर पर अकाल तख्त की विश्वसनीयता को चुनौती देने का प्रयास गंभीर विषय माना जाएगा।

लवली ने कहा कि यदि आरोप सही साबित होते हैं तो मुख्यमंत्री भगवंत मान को तत्काल नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। साथ ही उन्होंने उन लोगों से भी सिख समाज से माफी मांगने की मांग की जो इस पूरे विवाद में मुख्यमंत्री के समर्थन में खड़े दिखाई दिए।

केजरीवाल की चुप्पी पर भी निशाना

दिल्ली भाजपा नेताओं ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को भी निशाने पर लिया।

अरविंदर सिंह लवली ने कहा कि इस पूरे विवाद पर केजरीवाल की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी नेतृत्व अब तक इस विषय पर स्पष्ट रुख लेने से बच रहा है।

भाजपा नेताओं का कहना है कि पंजाब सरकार और आम आदमी पार्टी को पूरे मामले पर खुलकर जवाब देना चाहिए ताकि जनता और सिख समाज के बीच किसी प्रकार का भ्रम न रहे।

राजनीतिक माहौल गर्म

इस विवाद ने पंजाब के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति में भी हलचल बढ़ा दी है। भाजपा जहां इसे धार्मिक मर्यादाओं और नैतिक जिम्मेदारी का मुद्दा बता रही है, वहीं आम आदमी पार्टी अब तक इन आरोपों को राजनीतिक हमला करार देती रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी चुनावी माहौल में यह विवाद पंजाब की राजनीति में महत्वपूर्ण असर डाल सकता है। हालांकि अंतिम निष्कर्ष जांच एजेंसियों, न्यायिक प्रक्रिया और संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयानों के बाद ही सामने आएगा।

फिलहाल दिल्ली भाजपा ने भगवंत मान के इस्तीफे की मांग को लेकर अपना रुख और अधिक आक्रामक कर दिया है, जबकि राजनीतिक गलियारों में इस पूरे प्रकरण को लेकर बहस लगातार तेज होती जा रही है।

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