Haryana

Faridabad Bulldozer Action: फरीदाबाद के इस इलाके में एक ही दिन में 300 घर जमींदोज, बुलडोजर एक्शन के बाद रोते दिखे लोग… आज भी चलेगा पीला पंजा

Faridabad News: दिल्ली से सटे फरीदाबाद नगर निगम की ओर से नेहरू कॉलोनी में बड़े स्तर पर तोड़फोड़ की कार्रवाई लगातार दूसरे दिन भी जारी रही. बुधवार सुबह छह बुलडोजर और दो बड़ी पोकलेन मशीनों के साथ पहुंची निगम की टीम ने सुबह से शाम तक करीब 300 अवैध मकानों को पूरी तरह से गिरा दिया. इस दौरान पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था, जिससे दिनभर भारी तनाव की स्थिति बनी रही.

Faridabad Bulldozer Action: फरीदाबाद के इस इलाके में एक ही दिन में 300 घर जमींदोज, बुलडोजर एक्शन के बाद रोते दिखे लोग… आज भी चलेगा पीला पंजा
Faridabad Bulldozer Action: फरीदाबाद के इस इलाके में एक ही दिन में 300 घर जमींदोज, बुलडोजर एक्शन के बाद रोते दिखे लोग… आज भी चलेगा पीला पंजा

कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय घटना या विरोध से निपटने के लिए भारी पुलिस बल और दंगा नियंत्रण वाहनों की तैनाती की गई थी. प्रशासन ने एक किलोमीटर के दायरे में बैरिकेडिंग कर रखी थी और नेहरू कॉलोनी की ओर जाने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया गया था. रूट डायवर्ट होने की वजह से आम राहगीरों को दिनभर भीषण गर्मी में भटकना पड़ा, जिससे लोगों में भारी नाराजगी देखी गई. सुबह जैसे ही कार्रवाई शुरू हुई, स्थानीय लोगों ने विरोध किया, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस ने उन्हें समझाबुझाकर शांत कराया.

आशियाना उजड़ने से बुजुर्ग और महिलाएं बेहाल

हादसे के बाद कॉलोनी में हर तरफ चीखपुकार और आंसू नजर आए. 75 साल की बुजुर्ग महिला खुले आसमान के नीचे खाट पर रोती दिखीं. वहीं, स्थानीय निवासी गीता और चांद ने बताया कि वे पिछले 4045 वर्षों से यहां रह रहे हैं. मेहनत की कमाई से बनाए घर आज मलबे में तब्दील हो गए हैं. लोगों का आरोप है कि कड़ाके की गर्मी में बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के उनके घर तोड़ दिए गए. कई लोगों के पास रजिस्ट्री होने का दावा भी किया जा रहा है. बेघर हुए लोगों ने अब सड़क पर सामान रखकर सरकार से पुनर्वास की मांग की है. वहीं, इस इलाके में 10 हजार घर बने हैं. बाकी के लोगों को भी यही डर सता रहा है कि कहीं उनके आशियाने को भी ना ढहा दिया जाए.

जारी रहेगी कार्रवाई: निगम प्रशासन

चार दिन पहले भी इसी इलाके में अवैध धार्मिक स्थलों को हटाकर स्लिप रोड बनाई गई थी. नगर निगम के एसडीओ सुरेंद्र हुड्डा ने बताया कि सड़क किनारे बने इन 300 निर्माणों को हटाने से पहले बकायदा नोटिस दिए गए थे, ताकि लोग अपना सामान सुरक्षित निकाल सकें. उन्होंने साफ किया कि जो घर अभी बच गए हैं, उन्हें गुरुवार को भी अभियान चलाकर तोड़ा जाएगा.

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