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पंजाब के किसानों को बड़ी सौगात! 5 हजार करोड़ की योजना से मिलेगी 8 घंटे निर्बाध बिजली

चंडीगढ़.

पंजाब के किसानों को बड़ी सौगात! 5 हजार करोड़ की योजना से मिलेगी 8 घंटे निर्बाध बिजली

पंजाब सरकार ने रीवैंप्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के तहत राज्य की बिजली वितरण व्यवस्था को आधुनिक और मजबूत बनाने के लिए करीब 5,000 करोड़ रुपये के कार्य शुरू किए हैं।

बिजली मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने बुधवार को विधानसभा में यह जानकारी देते हुए कहा कि इन कार्यों का उद्देश्य उपभोक्ताओं को अधिक विश्वसनीय, गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराना है। उन्होंने दावा किया कि मई माह से किसानों को प्रतिदिन आठ घंटे से अधिक निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। विधायक बलकार सिंह सिद्धू के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए सौंद ने कहा कि आरडीएसएस के तहत पूरे प्रदेश में बिजली वितरण नेटवर्क को चरणबद्ध तरीके से मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नेटवर्क पर बढ़ते भार को कम करने और आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए अब तक 1,296 नए 11 केवी फीडर स्थापित किए जा चुके हैं। इसके अलावा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए 1,12,195 नए डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं।

बिजली नेटवर्क का विस्तार
बिजली मंत्री के अनुसार ट्रांसमिशन नेटवर्क को भी मजबूत किया जा रहा है। इसके तहत 663 सर्किट किलोमीटर लंबी 66 केवी लाइनों का विस्तार और उन्नयन किया गया है, जबकि 355 सर्किट किलोमीटर नई 66 केवी ट्रांसमिशन लाइनें भी बिछाई जा रही हैं। इससे बिजली आपूर्ति प्रणाली की क्षमता और संचालन दक्षता में सुधार होगा। बठिंडा क्षेत्र में चल रहे ट्रांसमिशन कार्यों का उल्लेख करते हुए सौंद ने बताया कि फूल और भाई रूपा के 66 केवी सबस्टेशनों को फिलहाल 220 केवी गुरु हरगोबिंद थर्मल प्लांट, लहरा मुहब्बत से आने वाली 66 केवी लाइन के माध्यम से बिजली आपूर्ति दी जा रही है। मौजूदा लाइन पर भार कम करने और आपूर्ति को अधिक भरोसेमंद बनाने के लिए लहरा मुहब्बत से फूल सबस्टेशन तक 13.2 सर्किट किलोमीटर लंबी नई समर्पित 66 केवी ट्रांसमिशन लाइन बिछाई जा रही है।

बिजली आपूर्ति में सुधार और बुनियादी ढांचा
उन्होंने बताया कि इस परियोजना में 11.08 सर्किट किलोमीटर कार्य पूरा हो चुका है। शेष कार्य में आठ ट्रांसमिशन टावरों का प्रतिस्थापन और चार क्रॉसिंग ढांचों की ऊंचाई बढ़ाना शामिल है, जिसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा। सौंद ने कहा कि अंतरिम व्यवस्था के तहत पीएसपीसीएल ने भाई रूपा, महराज और फूल के 66 केवी सबस्टेशनों के बीच बिजली भार का संतुलन किया है। इससे मई माह से किसानों को प्रतिदिन आठ घंटे से अधिक निर्बाध बिजली आपूर्ति देने में सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बिजली क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को लगातार मजबूत कर रही है, जिससे कृषि, उद्योग, व्यापार और घरेलू उपभोक्ताओं की बढ़ती जरूरतों के अनुरूप बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता और गुणवत्ता में और सुधार होगा।

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