अमृतसर

पंजाब पुलिस पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अब तक के सबसे गंभीर आरोपों में से एक सामने आया है। अमेरिका की प्रमुख जांच एजेंसी एफबीआई ने पंजाब पुलिस के इंस्पेक्टर और टांडा के तत्कालीन एसएचओ गुरिंदरजीत सिंह नागरा को एक अंतरराष्ट्रीय उगाही और धोखाधड़ी के मामले में संघीय अभियोग में नामजद किया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने एक अमेरिकी परिवार से 4 लाख डॉलर की वसूली के लिए हत्या के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी।लॉस एंजिल्स की संघीय अदालत में अनसील किए गए अभियोग के अनुसार, नागरा ने कथित तौर पर कुख्यात गैंगस्टर जग्गु भगवानपुरिया के अपराध सिंडिकेट के साथ मिलकर इस साजिश को अंजाम दिया। जांच में दावा किया गया है कि कैलिफोर्निया के स्टॉकटन में बैठे सिंडिकेट सदस्य ने पीड़ित परिवार की जानकारी भारत भेजी, जिसके बाद उनके भारत में रहने वाले रिश्तेदारों को हत्या के झूठे केस में फंसाने की धमकियां दी गईं।
एफबीआई के अनुसार, अप्रैल 2026 में पीड़ित परिवार के मुखिया को सीधे संदेश दिया गया कि यदि 4 लाख डॉलर का भुगतान नहीं किया गया तो परिवार के तीन सदस्यों को हत्या के मामले में आरोपी बना दिया जाएगा। अमेरिकी एजेंसियों का आरोप है कि यह अंतरराष्ट्रीय अपराध सिंडिकेट द्वारा भारत में बैठे कथित भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों का इस्तेमाल कर विदेशों में रहने वाले लोगों से करोड़ों रुपये की उगाही करने का सुनियोजित तरीका था।
अमेरिकी न्याय विभाग ने इस मामले को अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध और स्थानीय भ्रष्टाचार के खतरनाक गठजोड़ का उदाहरण बताया है। विभाग का कहना है कि ऐसे नेटवर्क कानून व्यवस्था का दुरुपयोग कर विदेशों में बसे लोगों को डराकर भारी रकम वसूलने की कोशिश करते हैं।
यदि अदालत में ये आरोप सिद्ध होते हैं, तो यह मामला केवल एक पुलिस अधिकारी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पंजाब पुलिस की छवि, जवाबदेही और संगठित अपराध के साथ कथित संबंधों पर भी गंभीर बहस छेड़ सकता है।
टांडा थाना प्रभारी पुलिस लाइन भेजे गए, तथ्य जांच के आदेश
पंजाब पुलिस ने टांडा थाना के एसएचओ इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा को तत्काल प्रभाव से पुलिस लाइन, होशियारपुर स्थानांतरित कर दिया है। यह कार्रवाई उनके खिलाफ कथित तौर पर अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई द्वारा ऑपरेशन हार्डबॉल के तहत रंगदारी मामले में जांच किए जाने संबंधी खबरों और सोशल मीडिया पोस्टों का संज्ञान लेने के बाद की गई है।
डीआईजी जालंधर रेंज कार्यालय के अनुसार, मामले के तथ्यों की पुष्टि के लिए औपचारिक तथ्य जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच की जिम्मेदारी एसपी जालंधर ग्रामीण आईपीएस अधिकारी को सौंपी गई है।
जांच अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि वह सभी आरोपों और संबंधित तथ्यों की गहन जांच कर जल्द से जल्द विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। इंस्पेक्टर नागरा का स्थानांतरण तथ्यों के सत्यापन तक एक प्रशासनिक कदम है। जांच रिपोर्ट के आधार पर यदि आवश्यक हुआ तो कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
DIG के आदेश में अहम बातें…
नागरा के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू: डीआईजी जालंधर रेंज दफ्तर की तरफ से जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि पंजाब पुलिस ने मीडिया रिपोर्टों और सोशल मीडिया पोस्ट पर कड़ा संज्ञान लेते हुए होशियारपुर जिले के टांडा थाने में तैनात इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है।
वसूली केस में नाम आने का दावा: सामने आई रिपोर्टों के अनुसार अमेरिकी जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन द्वारा ऑपरेशन हार्डबॉल के तहत वसूली से संबंधित मामले की जांच की जा रही है, जिसमें कथित तौर पर इंस्पेक्टर नागरा का नाम शामिल होने की बात कही गई है।
SHO पद से हटाकर पुलिस लाइन भेजा: पंजाब पुलिस ने तत्काल प्रभाव से मामले से जुड़े तथ्यों की जांच तक इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा को तुरंत प्रभाव से टांडा थाना प्रभारी के पद से हटाकर होशियारपुर पुलिस लाइन भेज दिया है।
जालंधर देहात के SP को जांच सौंपीं: आईजी दफ्तर की तरफ से बताया गया है कि डीआईजी जालंधर रेंज ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं। इसकी जिम्मेदारी जालंधर देहात के SP को सौंपी गई है। जांच अधिकारी को सभी आरोपों और प्रासंगिक तथ्यों की गहन समीक्षा कर जल्द से जल्द विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।



