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5 से 12 साल की उम्र में बच्चों को रोज खिला दें ये 7 चीजें, फिर देखिए कैसे बदलने लगती है उनकी बुद्धि और सेहत

Healthy Foods For Kids Brain Development  : 5 से 12 वर्ष की उम्र बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास का सबसे अहम दौर मानी जाती है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, इसी उम्र में बच्चे सबसे तेजी से बढ़ते हैं। उनकी हड्डियां मजबूत होती हैं, मांसपेशियां विकसित होती हैं और दिमाग नई चीजें सीखने की क्षमता को तेजी से बढ़ाता है।

5 से 12 साल की उम्र में बच्चों को रोज खिला दें ये 7 चीजें, फिर देखिए कैसे बदलने लगती है उनकी बुद्धि और सेहत

विशेषज्ञों का कहना है कि इस उम्र में मिलने वाला सही पोषण बच्चे की पूरी जिंदगी की सेहत और मानसिक क्षमता की मजबूत नींव रखता है। लेकिन आज के समय में बच्चों की थाली में पौष्टिक भोजन की जगह जंक फूड तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी है कि आखिर कौनसी चीजें रोज खिलाने से बच्चे का शरीर भी मजबूत बनेगा और दिमाग भी तेज चलेगा।

प्रोटीन… जो बच्चे की ताकत और दिमाग दोनों को देता है नई उड़ान

हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए सबसे जरूरी पोषक तत्व प्रोटीन है। यदि बच्चे की डाइट में दालें, दूध, दही, पनीर, अंडा, सोया, चना या चिकन जैसे प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थ नियमित रूप से शामिल किए जाएं, तो उनका विकास बेहतर तरीके से होता है।

रिसर्च भी बताती है कि पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन लेने वाले बच्चों की लंबाई, मांसपेशियों की मजबूती और शारीरिक क्षमता अन्य बच्चों की तुलना में बेहतर होती है।

कैल्शियम और विटामिन D… मजबूत हड्डियों का सबसे बड़ा सीक्रेट

बच्चों की बढ़ती उम्र में केवल प्रोटीन ही नहीं, बल्कि कैल्शियम और विटामिन D भी बेहद जरूरी होते हैं। इसी उम्र में हड्डियां सबसे तेजी से मजबूत होती हैं। इसलिए बच्चों की डाइट में दूध, दही, पनीर, रागी और कैल्शियम से भरपूर चीजें जरूर शामिल करें।

साथ ही रोज कुछ देर धूप में खेलने या समय बिताने दें। इससे शरीर प्राकृतिक रूप से विटामिन D बनाता है, जो कैल्शियम को बेहतर तरीके से अवशोषित करने में मदद करता है और भविष्य में हड्डियों की कमजोरी का खतरा कम करता है।

रंगबिरंगे फल और सब्जियां… जो दिमाग और इम्यूनिटी दोनों को बनाते हैं सुपर स्ट्रॉन्ग

फल और सब्जियां बच्चों के लिए किसी प्राकृतिक सुपरफूड से कम नहीं हैं। इनमें मौजूद विटामिन, मिनरल और फाइबर शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं। जो बच्चे रोज अलगअलग रंगों के फल और सब्जियां खाते हैं, उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होती है। वे कम बीमार पड़ते हैं और पढ़ाई में उनका ध्यान व सीखने की क्षमता भी बेहतर देखी गई है।

साबुत अनाज… जो पूरे दिन बनाए रखता है भरपूर एनर्जी

बच्चों की डाइट में साबुत अनाज, ओट्स, दलिया, ब्राउन राइस और मल्टीग्रेन फूड्स शामिल करना बेहद फायदेमंद माना जाता है। इनमें मौजूद कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट धीरेधीरे ऊर्जा देते हैं, जिससे बच्चा लंबे समय तक एक्टिव रहता है और पढ़ाई व खेल दोनों में बेहतर प्रदर्शन कर पाता है।

हेल्दी फैट… जो याददाश्त को देता है नई ताकत

बादाम, अखरोट, मूंगफली, अलसी, चिया और कद्दू के बीज जैसे हेल्दी फैट वाले खाद्य पदार्थ बच्चों के के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं। इनमें मौजूद अच्छे फैट याददाश्त, एकाग्रता और ब्रेन डेवलपमेंट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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पानी… जिसे अक्सर सबसे ज्यादा नजरअंदाज किया जाता है

कई बार बच्चे पर्याप्त पानी नहीं पीते, जिससे थकान, सुस्ती और ध्यान लगाने में परेशानी हो सकती है। इसलिए दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाना भी उतना ही जरूरी है जितना पौष्टिक भोजन देना।

मीठे और कोल्ड ड्रिंक्स से दूरी… यही है असली समझदारी

हेल्थ एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि बच्चों को रोजाना सॉफ्ट ड्रिंक्स, ज्यादा मीठे पेय और प्रोसेस्ड स्नैक्स देने से बचना चाहिए। इनकी जगह ताजे फल, घर का बना हेल्दी नाश्ता और पौष्टिक पेय देना बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए कहीं ज्यादा फायदेमंद होता है।

इन बातों का रखें ध्यान

संतुलित और उम्र के अनुसार होनी चाहिए। यदि बच्चा बहुत कम खाता है, वजन या लंबाई सामान्य रूप से नहीं बढ़ रही है या किसी पोषक तत्व की कमी का संदेह है, तो बाल रोग विशेषज्ञ या योग्य न्यूट्रिशनिस्ट से सलाह लेना बेहतर रहेगा।

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