प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल पांच देशों की यात्रा पर जा रहे हैं. इस यात्रा पर पूरी दुनिया की नजरें हैं. वहीं भारत के एक्सपोर्ट बाजार को भी पीएम मोदी की इस दौरे से कई उम्मीदें हैं. FIEO यात्रा को भारतीय निर्यात के लिए एक संभावित निर्णायक मोड़ के तौर पर देख रहा है. पीएम मोदी 15 मई से 20 मई तक UAE, नीदरलैंड्स, स्वीडन, नॉर्वे और इटली का दौरा करेंगे.

जानकारी के मुताबिक इस दौरे में कुल मिलाकर 70 अरब डॉलर से ज्यादा का द्विपक्षीय व्यापार दांव पर लगा है. यह यात्रा ठीक ऐसे समय पर हो रही है, जब भारतEU FTA और TEPA पर सबका ध्यान केंद्रित हो रहा है, जिससे भारतीय निर्यातकों को ग्रीन एनर्जी, सेमीकंडक्टर्स, रक्षा और डिजिटल व्यापार के क्षेत्रों में आगे बढ़ने का एक दुर्लभ अवसर मिल रहा है.
फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन्स ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पांचदेशीय यात्रा के लिए अपना जोरदार समर्थन जाहिर किया है. FIEO ने इस यात्रा को वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के इस दौर में भारत के व्यापार और निवेश एजेंडे के लिए एक निर्णायक मोड़ बताया.
FIEO को इस दौरे क्याक्या उम्मीद?
FIEO के प्रेसिडेंट SC रलहान ने इस दौरे को एक अहम मोड़ पर आया हुआ बताया, जब भारत यूरोप और खाड़ी क्षेत्र, दोनों के साथ अपने आर्थिक जुड़ाव को सक्रिय रूप से और गहरा कर रहा है. उन्होंने कहा कि यह दौरा एक भरोसेमंद वैश्विक आर्थिक साझेदार के तौर पर भारत के बढ़ते कद को दिखाता है और इससे इंजीनियरिंग, स्वच्छ ऊर्जा, टेक्नोलॉजी, दवा, खाद्य प्रसंस्करण, कपड़ा, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल व्यापार जैसे विभिन्न क्षेत्रों में भारतीय निर्यातकों के लिए बड़े पैमाने पर नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है. FIEO के अध्यक्ष SC रलहान ने इस दौरे को एक अहम मोड़ पर आया हुआ बताया है.
भारतUAE स्ट्रेटेजिक इकोनॉमिक कॉरिडोर
भारत और UAE का रिश्ता एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी बन गया है. UAE भारत के लिए एक अहम व्यापार और निवेश साझेदार होने के साथसाथ मध्यपूर्व और अफ्रीका का एंट्री द्वार भी है. इसके मुख्य क्षेत्रों में ऊर्जा, बुनियादी ढांचा और सेवाएं शामिल हैं, जिसमें भारतीय प्रवासी एक अहम कड़ी का काम करते हैं.
यूरोप के साथ जुड़ाव
यह दौरा हाल ही में हुए भारतEU फ्री ट्रेड समझौते और TEPA की वजह से और भी ज़्यादा अहम हो जाता है. भविष्य के मुख्य क्षेत्रों में ग्रीन हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर, AI, क्लीन टेक, रक्षा निर्माण, ब्लू इकॉनमी और मजबूत सप्लाई चेन शामिल हैं.
नॉर्डिक शिखर सम्मेलन और व्यापार मंच
ओस्लो में होने वाले भारतनॉर्डिक शिखर सम्मेलन में नवीकरणीय ऊर्जा, क्लाइमेट टेक, समुद्री क्षेत्र, डिजिटल नवाचार और उन्नत निर्माण पर खास ध्यान दिया जाएगा. व्यापारिक गोलमेज बैठकों में मोदी की भागीदारी से निवेशकों का भरोसा बढ़ने की उम्मीद है.
इस दौरे पर शामिल देशों के साथ भारत का द्विपक्षीय व्यापार 70 अरब डॉलर से ज्यादा का है. उम्मीद है कि इन बैठकों के नतीजों से सीमापार निवेश को एक नई गति मिलेगी, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक व्यापार मार्ग दबाव में हैं.



