फीफा वर्ल्ड कप वर्ल्ड कप का पहली बार आयोजन 1930 में हुआ था और अब तक के 22 संस्करण हुए हैं और सिर्फ छह देशों ने अपनी मेजबानी में यह खिताब जीता है। इसमें मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना भी शामिल है। अपनी मेजबानी में पहली बार फीफा वर्ल्ड कप उरुग्वे ने जीता था। उसने फाइनल में अर्जेंटीना को हराकर 1930 का वर्ल्ड कप जीता था।1934 में अगले वर्ल्ड कप में भी मेजबान ने ही खिताब जीता।

इटली ने जीत दर्ज की थी। इसे आज भी इतिहास का टूर्नामेंट का सबसे भ्रष्ट संस्करण माना जाता है। उस समय के इतालवी प्रधानमंत्री बेनिटो मुसोलिनी ने इसमें खुलकर दखल दिया था। इसके बाद1966 तक किसी मेजबान देश ने वर्ल्ड कप नहीं जीता। 1966 इंग्लैंड ने अपनी मेजबनी में आज तक अपना एकमात्र खिताब जीता। 1970 के दशक में दो मेजबान देशों ने अपनी सरजमीं पर टूर्नामेंट जीता।
अपनी मेजबानी में फुटबॉल विश्व कप जीतने वाले देश
- उरुग्वे : मोंटेवीडियो के एस्टाडियो सेंटेनारियो में फाइनल में अर्जेंटीना को हराकर पहला विश्व कप जीता।
- इटली : रोम में चेकोस्लोवाकिया को हराकर अपना पहला खिताब जीता।
- इंग्लैंड : वेम्बली स्टेडियम में फाइनल में पश्चिम जर्मनी को हराने के बाद आज तक का अपना एकमात्र विश्व कप जीता।
- पश्चिम जर्मनी : म्यूनिख फाइनल में नीदरलैंड को हराकर अपना दूसरा खिताब हासिल किया।
- अर्जेंटीना : ब्यूनस आयर्स के एस्टाडियो मोन्यूमेंटल में एक्सट्रा टाइम में नीदरलैंड को हराकर अपना पहला विश्व कप जीता।
- फ्रांस : सेंटडेनिस में स्टेड डी फ्रांस में फाइनल में ब्राजील को हराकर खिताब जीती।
चार दशक का सूखा अब खत्म हो सकता है
1974 में पश्चिम जर्मनी और 1978 में अर्जेंटीना ने खिताब जीता। 1998 में फ्रांस अपने देश में वर्ल्ड कप जीतने वाला आखिरी देश बना। लगभग चार दशक का सूखा अब खत्म हो सकता है। 2026 और 2030 के वर्ल्ड कप को 9 देश मिलकर मेजबानी करेंगे। ऐसे में मेजबान देश के टूर्नामेंट जीतने की संभावना बढ़ सकती है। हालांकि, एक बात का ध्यान रखना होगा कि कोई देश अब सहमेजबान के तौर पर टूर्नामेंट जीत सकता है। यह भी जरूरी नहीं कि वह अपनी सरजमीं पर ही जीत पाए।



