Falahari Maharaj Statement Ram Mandir Donation: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण में मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा चंदा दिए जाने संबंधी बयान के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। इस मुद्दे पर फलाहारी महाराज ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी को पत्र लिखकर उनसे इस दावे का आधार सार्वजनिक करने की मांग की है।

सनातन समाज में धन और संसाधनों की कोई कमी नहीं
पत्र में फलाहारी महाराज ने कहा है कि यदि वास्तव में किसी मुस्लिम ने राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा दिया है, तो ट्रस्ट संबंधित दानदाताओं की रसीदें और विवरण सार्वजनिक करे। उनका कहना है कि सनातन समाज में धन और संसाधनों की कोई कमी नहीं है तथा अनेक उद्योगपति और श्रद्धालु मंदिर निर्माण के लिए सहयोग देने में सक्षम हैं।
मुस्लिम समुदाय का आर्थिक सहयोग स्वीकार नहीं
उन्होंने यह भी कहा कि यदि यह प्रमाणित हो जाता है कि के लोगों का चंदा मंदिर निर्माण में स्वीकार किया गया है, तो साधुसंत और सनातन समाज उस धनराशि को वापस लौटाने के लिए तैयार हैं। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि वे उन लोगों का आर्थिक सहयोग स्वीकार नहीं करना चाहते जो, उनके अनुसार, भगवान श्रीराम या सनातन धर्म के प्रति सम्मान नहीं रखते।
यह विवाद उस बयान के बाद सामने आया जिसमें ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष ने एक टीवी चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा था कि श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने भी स्वेच्छा से चंदा दिया था।
फिलहाल इस पत्र पर ट्रस्ट की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। साधुसंतों ने कहा है कि वे गोविंद देव गिरी के उत्तर का इंतजार करेंगे। यदि ट्रस्ट इस संबंध में कोई स्पष्टीकरण जारी करता है, तो उसके बाद ही पूरे मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।


