
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियां उफान पर हैं। दोनों नदियां अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं, लेकिन बाढ़ का पानी धीरेधीरे रिहायशी इलाकों में पहुंचने लगा है। सदर तहसील के गंगा नगर के कछारी इलाके में सैकड़ों मकान बाढ़ के पानी में डूब गए हैं, जिसके बाद जिला प्रशासन ने बाढ़ राहत शिविरों को सक्रिय कर दिया है।
12 जगह पर रिलीफ कैंप
प्रशासन के अनुसार सदर तहसील में कुल 12 बाढ़ राहत शिविर बनाए गए हैं। इनमें पहला राहत शिविर अशोक नगर स्थित ऋषिकुल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में बनाया गया है। यहां अब तक 15 परिवारों के 60 लोगों ने शरण ली है। प्रभावितों को उनके सामान के साथ विद्यालय के तीन कमरों में ठहराया गया है, जबकि स्कूल के अन्य कमरों में शिक्षण कार्य जारी है।
कैंप में मेडिकल, खाना और चाय की व्यवस्था
राहत शिविर में प्रभावित परिवारों के लिए सुबह चायनाश्ता, दोपहर का भोजन, शाम की चाय और रात के भोजन की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा मेडिकल हेल्प डेस्क बनाई गई है, जहां एक चिकित्सक और दो स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। सुरक्षा के लिए दो पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया गया है। शिविर के संचालन के लिए लेखपाल समेत करीब आधा दर्जन राजस्व कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। शिविर में पहुंचने वाले प्रभावित परिवारों और लोगों का डेटाबेस भी तैयार किया जा रहा है।
कैंप में अधिकारी मौजूद
एडीएम नजूल संजय पांडेय को बाढ़ राहत शिविरों का नोडल अधिकारी बनाया गया है। उन्होंने ऋषिकुल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में बनाए गए राहत शिविर का निरीक्षण भी किया। एडीएम ने बताया कि प्रशासन की ओर से राहत शिविरों में प्रभावितों के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जिन इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न होगी, वहां के प्रभावित लोगों को आवश्यकता के अनुसार बाढ़ राहत शिविरों में स्थानांतरित किया जाएगा।



