अमृतसर
सावन के तीसरे सोमवार पर अमृतसर में आस्था का अलग ही रंग देखने को मिला। सावन सोमवार के साथ नाग पंचमी और संक्रांति का संयोग होने के कारण शिवाला बाग भाइयां मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।

श्रद्धालुओं को करीब दो घंटे तक लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। इसके बावजूद उनके चेहरे पर थकान के बजाय भगवान शिव के दर्शन की उत्सुकता नजर आई।
सुबह से ही श्रद्धालु फूल, बेलपत्र, दूध और पूजा की थालियां लेकर मंदिर पहुंचते रहे। मंदिर परिसर में हरहर महादेव के जयकारों के बीच भक्तों ने प्राचीन शिवलिंग पर जल और दूध अर्पित किया। श्रद्धालुओं ने परिवार की सुखसमृद्धि और मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना की।
शिव की आराधना के लिए विशेष
मंदिर के पंडित ने बताया कि सावन का सोमवार भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस बार नाग पंचमी और संक्रांति का संयोग होने से श्रद्धालुओं में खास उत्साह रहा। उन्होंने बताया कि शिवाला बाग भाइयां के प्राचीन शिवलिंग के प्रति लोगों की गहरी आस्था है और यहां दूरदूर से भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
भगवान शिव का मनमोहक स्वरूप सजाया
मंदिर में भगवान भोलेनाथ का विशेष 16 श्रृंगार किया गया। फूलों और पूजन सामग्री से भगवान शिव का मनमोहक स्वरूप सजाया गया, जिसके दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
भगवान शिव की पूजा करने की परंपरा
पंडित ने बताया कि सावन के सोमवार को व्रत रखकर भगवान शिव की पूजा करने की परंपरा है। मान्यता है कि सच्चे मन से भोलेनाथ की आराधना करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। यही आस्था सोमवार को शिवाला बाग भाइयां मंदिर में देखने को मिली।



