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नीट परीक्षा दोबारा होने के एक दिन बाद सोमवार (22 जून) को एक बड़ा पेपर सॉल्वर गैंग पकड़ा गया है। यह गैंग बिहार से पकड़ा गया है और इसमें कुल 24 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। गिरफ्तार आरोपियों में बायोमेट्रिक जांच करने वाली कंपनी के 14 कर्मचारी भी शामिल हैं। पुलिस ने राजकीय उच्च विद्यालय हसनपुर, KRK हायर सेकेंडरी स्कूल और केंद्रीय विद्यालय परीक्षा केंद्रों पर छापेमारी कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया है। लखीसराय SP प्रेरणा के अनुसार, आरोपियों के पास से मोबाइल फोन और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, गैंग ने असली परीक्षार्थियों की जगह प्रॉक्सी (सॉल्वर्स) बिठाकर परीक्षा कराने की साजिश रची थी। इस मामले में गया के अन्नपूर्णा नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (ANMMCH) के छात्र अर्पित राज को गैंग का मुख्य सरगना माना जा रहा है।
जांच में अब तक क्या पता चला
बायोमीट्रिक कंपनी के सात कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है, बताया जा रहा है कि इन फर्जी छात्रों को बिना सत्यापन की प्रक्रिया के परीक्षा केंद्र के भीतर घुसने दिया गया। इसके बाद बॉयोमैट्रिक कंपनी और उसके कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध हो गई है।
अर्पित राज से 2024 में भी CBI कर चुकी है पूछताछ
लखीसराय में गिरफ्तार सॉल्वर गैंग के सरगना अर्पित राज से पहले भी केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) पूछताछ कर चुकी है। अर्पित का नाम पहले भी NEET परीक्षा से जुड़े मामलों में सामने आ चुका है। 2024 में NEET पेपर लीक मामले की जांच के दौरान CBI ने उससे कई बार पूछताछ की थी।
बायोमेट्रिक कंपनी का स्टाफ बनाकर सेंटर में घुसा मंयक
पुलिस ने बताया कि इस पूरे नेटवर्क का खुलासा तब हुआ, जब पीएमसीएच का थर्ड ईयर एमबीबीएस छात्र मयंक कश्यप बायोमेट्रिक कंपनी का फर्जी स्टाफ बनकर हसनपुर हाई स्कूल परीक्षा केंद्र के अंदर घुस गया था। पुलिस जांच के दौरान सबसे पहले मयंक को पकड़ा गया था, जिसने पूछताछ में गिरोह के अन्य ठिकानों के बारे में जानकारी दी।



