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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: SIT के गठन से जांच तक आज CM योगी को सौंपी जा सकती है प्रारंभिक रिपोर्ट

अयोध्या में स्थित राम मंदिर में दान और चढ़ावे के कथित गबन को लेकर इन दिनों सियासत गरमाई हुई है. इस मामले की जांच विशेष जांच टीम कर रही है. इस बीच खबर है कि SIT आज को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप सकती है.

राम मंदिर चढ़ावा चोरी: SIT के गठन से जांच तक आज CM योगी को सौंपी जा सकती है प्रारंभिक रिपोर्ट

मामले से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक SIT ने 6 दिनों तक अयोध्या में रहकर कई अहम पहलुओं की जांच की और शनिवार को टीम लखनऊ लौट आई. जिन लोगों से SIT पूछताछ की गई है, उन्हें अगले आदेश तक शहर छोड़ने से मना किया गया है. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के एक अधिकारी ने बताया कि जांच पूरी होने तक संबंधित लोगों को आगे के निर्देशों का इंतजार करने को कहा गया है. दोबारा भी इन लोगों से पूछताछ हो सकती है. SIT ने ट्रस्ट महासचिव चंपतराय से पूछताछ की है.

SIT ने 71 एकड़ जमीन के रिकॉर्ड खंगाले

अधिकारियों ने बताया कि SIT की जांच में ट्रस्ट द्वारा विभिन्न चरणों में की गई खरीद और मंदिर के निर्माण सामग्री की खरीद की भी पड़ताल की गई. ट्रस्ट ने बाजार मूल्य से 500% से 800% अधिक दरों पर करीब 71 एकड़ जमीन खरीदी थी. ट्रस्ट की ओर से अलगअलग चरणों में की गई खरीद और भुगतान की प्रक्रिया को भी जांच के दायरे में रखा गया है. SIT ने मंदिर ट्रस्ट की ओर से खरीदी गई करीब 71 एकड़ जमीन के रिकॉर्ड खंगाले हैं. आरोप है कि कुछ जमीनों की खरीद बाजार मूल्य से काफी ज्यादा कीमत पर की गई.

जांच के दौरान 150 संदिग्धों के नाम सामने आए

सूत्रों के मुताबिक 6 दिनों की जांच के दौरान 150 संदिग्धों के नाम सामने आए और उनमें से 25 के खिलाफ कार्रवाई होने की संभावना है. SIT की टीम ने जांच के दौरान CCTV फुटेज, दान पेटियों से मिलने वाली राशि, चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया और बैंक में पैसा जमा कराने की पूरी प्रक्रिया सहित कई महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच की.

सबूतों के साथ लखनऊ पहुंची SIT

शनिवार को SIT ने सभी संदिग्धों के बैंक खातों की जानकारी जुटाई. जांच के बाद टीम सभी दस्तावेज और सबूत टीम अपने साथ लेकर लखनऊ गई है. मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि यह बड़ा गबन 2025 की शुरुआत में प्रयागराज महाकुंभ मेले के दौरान हुआ था. SIT इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि उस दौरान दान और धनराशि के प्रबंधन में किसी तरह की अनियमितता हुई या नहीं.

SIT ने मंदिर के दान पेटियों से प्राप्त धन के उपयोग, अनावश्यक खर्चों और जमीन खरीद से संबंधित मामलों की भी जांच की. 2021 तक के पुराने रिकॉर्ड खंगाले गए. अधिकारियों ने बताया कि मंदिर में दान राशि गिनने के कार्य से जुड़े पांच व्यक्तियों लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुण और रामशंकर उर्फ ​​टिन्नू के खुलासों के आधार पर अब तक 2 करोड़ रुपए की वसूली की जा चुकी है. SIT अब सभी तथ्यों और सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रही है.

SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट में क्या

सूत्रों के हवाले से खबर है कि SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा गया है किराम मंदिर ट्रस्ट का पुनर्गठन किया जाए और सभी सदस्यों की समान रूप से जिम्मेदारी तय की जाएय इसके साथ ही मंदिर ट्रस्ट में किसी प्रशासनिक अधिकारी को सीईओ के रूप में नियुक्त किया जाए.विस्तृत जांच के लिए विशेष जांच दल को और समय दिया जाए. रिपोर्ट में मंदिर के प्रबंधन के लिए पेशेवर तरीका अपनाने की सलाह दी गई है. वहींदानराशि की गणना का साप्ताहिक आडिट करने को कहा गया है. इसके साथ हीमंदिर में प्रतिदिन चढ़ावा में आने वाली नकदी की इंट्री कराई कराने औरट्रस्ट संचालन के संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिए गए निर्देशों का पूर्णतः पालन करने को कहा गया है. रिपोर्ट मेंसीसीटीवी कैमरों का डाटा स्टोरेज 45 दिन से बढ़ा कर 180 दिन तक करने को कहा गया है.

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