वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम की राजकीय यात्रा के दौरान उन्हें गया अनरसा, मिथिला मखाना, हाजीपुर मालभोग केला और रत्नागिरी आम जैसे विशेष व्यंजन परोसे गए।
रत्नागिरी आम को अल्फांसो या हापुस के नाम से जाना जाता है।
वियतनाम के राष्ट्रपति पांच मई से भारत की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर हैं।
तो लाम को परोसे गए व्यंजनों में बिहार के नालंदा जिले के सिलाव की प्रसिद्ध पारंपरिक मिठाई ‘सिलाव खाजा’ भी शामिल थी, जिसे उसकी अनूठी पहचान और विरासत के लिए जीआई टैग प्राप्त है।

खस्ता और अपने कुरकुरेपन के लिए प्रसिद्ध यह व्यंजन मैदा, चीनी और घी का उपयोग करके सदियों पुरानी तकनीकों से तैयार किया जाता है।
गया अनरसा, बिहार के गया का एक पारंपरिक व्यंजन है, जो अपने विशिष्ट स्वाद और सांस्कृतिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है।
गया का प्रसिद्ध अनरसा चावल के आटे, गुड़, मावा और घी से बनी एक पारंपरिक, खस्ता मिठाई है जिसे खसखस या तिल लगाकर तलते हैं।
वियतनाम के राष्ट्रपति को परोसा गया एक अन्य व्यंजन था मिथिला मखाना, जिसे कमल गट्टे के नाम से भी जाना जाता है।
यह बिहार के मिथिला क्षेत्र का एक उत्कृष्ट कृषि उत्पाद है, जिसे इसकी अनूठी उत्पत्ति और गुणवत्ता के लिए जीआई टैग प्राप्त है।
प्रोटीन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर यह उत्पाद बिहार की कृषि विरासत और स्थानीय किसानों की कुशलता का प्रतीक है।
वियतनाम के नेता को परोसा गया हाजीपुर मालभोग केला, बिहार के हाजीपुर में उगाई जाने वाली एक उत्कृष्ट किस्म है। यह अपनी सुगंध, प्राकृतिक मिठास व मुलायम बनावट के लिए जाना जाता है।
महाराष्ट्र के रत्नागिरी के आम भी वियतनाम के राष्ट्रपति को परोसे गए।



