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​Fuel Tank Full Mileage: क्या टंकी फुल करवाने से घटता है माइलेज? जानिए क्या है पूरा सच

Fuel Tank Full Mileage Impact: आज के समय में लगभग हर किसी के पास कोई न कोई वाहन जरुर होता है, किसी के पास स्कूटी तो किसी के पास कार है। ऐसे में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों की वजह से कुछ लोग पेट्रोल टैंक को पूरा भरवाते हैं, तो वहीं कुछ लोग टंकी फुल कराने से बचते हैं। आइए जानते हैं कि गाड़ी की फ्यूल टैंक पूरी तरह से फुल करवाने या न करवाने से माइलेज बढ़ता है या नहीं

​Fuel Tank Full Mileage: क्या टंकी फुल करवाने से घटता है माइलेज? जानिए क्या है पूरा सच

क्या पेट्रोल टंकी फुल कराने से बढ़ेगा माइलेज?

एक्सपर्ट की माने तो फुल टैंक कराने से गाड़ी का माइलेज पर कोई असर नहीं पड़ता है। माइलेज के पीछे सबसे बड़ा हाथ ड्राइविंग करने के तरीके पर निर्भर करता है। 

क्या वजन पर निर्भर करता है माइलेज? 

कुछ लोग दावा करते हैं कि अगर पेट्रोल टंकी फुल हो तो वजन ज्यादा हो जाता है, इससे माइलेज घट जाता है। लेकिन  सामान्य कार की पेट्रोल टंकी अगर फुल करवाते हैं, तो पेट्रोल का वजन लगभग 30 से 35 किलोग्राम हो जाता है। ऐसे में गाड़ी की तुलना में वजन काफी कम है। तो वजन की वजह से माइलेज घटने की बात निर्रथक है। 

हालांकि, वाहन का वजन बढ़ने पर इंजन को उसे आगे बढ़ाने और गति देने के लिए ज्यादा ऊर्जा की आवश्यकता होती है, जिससे माइलेज कम हो जाता है।

ऑटोकट के बाद पेट्रोल भरवाने के नुकसान

पेट्रोल पंप पर मशीन के ऑटोकट के बाद जबरदस्ती और पेट्रोल भरवाना आपके वाहन और सुरक्षा दोनों के लिए नुकसानदायक होता है। 
 
1. टैंक के अंदर हवा और वाष्प के लिए खाली जगह छोड़ी जाती है ताकि तापमान बढ़ने पर पेट्रोल फैल सके। ऑटोकट के बाद जगह न बचने पर सिस्टम पर अत्यधिक दबाव पड़ता है, जिससे फ्यूल पाइप या पंप फटने का खतरा रहता है।

2. गाड़ियों में ईंधन वाष्प को नियंत्रित करने के लिए एक इवेपोरेटिव एमिशन सिस्टम होता है। ओवरफिलिंग करने से तरल पेट्रोल इस संवेदनशील सिस्टम और चारकोल फ़िल्टर में चला जाता है, जिससे वह खराब हो सकता है।
 
3. सेंसर और वाल्व में पेट्रोल जाने के कारण इंजन की कार्यप्रणाली प्रभावित होती है। इससे डैशबोर्ड पर ‘इंजन चेक’ लाइट जल सकती है और गाड़ी का माइलेज कम हो सकता है।

4. ज्यादा भरने पर पेट्रोल वेंट पाइप तक पहुंच सकता है। गर्मी या इंजन के तापमान से भाप बनने पर आग लगने का गंभीर जोखिम पैदा हो जाता है।

5. टंकी से छलक कर बाहर गिरने वाला पेट्रोल आपकी बाइक या कार के प्लास्टिक हिस्सों और पेंट को खराब कर सकता है।

कम ईधन भरवाने के नुकसान 

गाड़ी में कम इंजन ऑयल होने से इंजन के पुर्जे आपस में रगड़ खाते हैं, जिससे अत्यधिक गर्मी पैदा होती है और इंजन सीज हो सकता है।

1. तेल की कमी से पुर्जों के बीच घर्षण बढ़ता है, जिससे इंजन बहुत जल्दी गर्म हो जाता है और ओवरहीटिंग की समस्या होती है।

2. गंभीर स्थिति में सारे पुर्जे चिपक जाते हैं और इंजन पूरी तरह से बंद हो जाता है, जिसे ठीक कराने में भारी खर्च आता है।

3. यदि गाड़ी कम पेट्रोल या डीजल पर चलाई जाए, तो टैंक में लगा फ्यूल पंप गर्म होने लगता है क्योंकि उसे ठंडे रहने के लिए ईंधन की जरूरत होती है। इससे पंप और फिल्टर जाम हो सकते हैं।

4. घर्षण बढ़ने के कारण इंजन पर ज्यादा लोड पड़ता है, जिससे गाड़ी की ईंधन दक्षता कम हो जाती है और पेट्रोलडीजल की खपत बढ़ जाती है।

5. पेट्रोल बहुत कम होने पर टैंक के तल में जमा कचरा और गंदगी सीधे इंजन के फ्यूल इंजेक्टर में पहुंच जाती है, जिससे गाड़ी बीच रास्ते में बंद हो सकती है।

बेहतर माइलेज पाने और इंजन सुरक्षित रखने के उपाय

वाहन का बेहतर माइलेज पाने और इंजन सुरक्षित रखने के लिए फ्यूल टैंक से जुड़ा सबसे सही नियम यह है कि, पेट्रोल या डीजल हमेशा ऑटोकट तक ही भरवाएं और टैंक को कभी भी पूरी तरह खाली या रिजर्व में न जाने दें। इसके अलावा अगर आप बारबार ब्रेक लगाएंगे, या फिर लगातार क्लच दबाएंगे तो माइलेज कम हो सकता है। अगर आपको बेहतर माइलेज  चाहिए तो सही तरह से ड्राइविंग करना जरूरी है। 

1. फ्यूल टैंक को न तो ओवरफ्लो करें और न ही ऑटोकट के  ऊपर तक भरवाएं। ज्यादा भरने से वाष्प और आग का खतरा रहता है।

2. विशेषज्ञों के अनुसार, गाड़ी में ईंधन का स्तर आधा होने पर या कम से कम 30%40% रहने पर दोबारा फ्यूल डलवा लेना बेहतर माना जाता है। 

3. अग्रैसिव ड्राइविंग से तेल की खपत बढ़ जाती है, इसलिए शांत रहते हुए ड्राइविंग करनी चाहिए।

4. गाड़ी की नियमित सर्विस करवाएं, इसमें इंजन ऑयल और एयर फिल्टर बदलना शामिल है।

 

 

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