
नीरज मिश्र अभिषेक, लखनऊ, अमृत विचार: लेसा में वर्षों से चल रहे पुराने खेल की परतें अब खुलने लगी हैं। आरोप है कि अभियंताओं ने एक ही नाम और पते पर पुराने कनेक्शन का भारीभरकम बिजली बकाया होने के बावजूद उपभोक्ताओं को दोबारा नया कनेक्शन जारी कर दिया। इससे विभाग को करीब एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की चपत लगने का अनुमान है। इस पूरे मामले में ट्रांसगोमती और सिस गोमती क्षेत्र के करीब 133 वितरण अभियंताओं की भूमिका सवालों के घेरे में है। ऐसे करीब 1.75 लाख उपभोक्ताओं को चिह्नित किया गया है, जिनके पुराने कनेक्शन पर बकाया था और बाद में उसी नामपते पर नया कनेक्शन जारी हुआ।
जिम्मेदारों पर आरोप है कि पुराने कनेक्शनों का बकाया वसूलने के बजाय उसे लंबे समय तक लंबित रखा गया और बाद में खातों में समायोजित कर मामला दबाने का प्रयास किया गया। इस मामले में शामिल रहे कई अभियंता अब दूसरे जिलों में स्थानांतरित हो चुके हैं। ऐसे में वर्तमान वितरण अभियंताओं के सामने पुराने बकायेदारों से वसूली की चुनौती खड़ी हो गई है।
कॉरपोरेशन ने तैयार किया डेटा
ऐसे उपभोक्ताओं की पहचान के लिए यूपी पावर कॉरपोरेशन ने एक निजी संस्था की मदद से डेटा तैयार कराया है। डेटा के आधार पर पुराने बकायेदारों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। विभाग का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर कनेक्शन जारी करने में हुई अनियमितताओं की तस्वीर और साफ होगी।
इन खंड कार्यालयों में हैं हजारों मामले
चिनहट खंड कार्यालयों में 10,502, मुंशीपुलिया में 6,449, गोमतीनगर में 4,400, सेस1 में 7,321 और सेस2 में 3,663 ऐसे उपभोक्ता चिह्नित किए गए हैं। इनमें कई उपभोक्ताओं पर लाखों रुपये तक का पुराना बकाया है।
ऐसे सभी मामलों की जांच की जा रही है, जिन पर बकाया होने के बाद भी नया कनेक्शन दिया गया है। इस पूरे मामले मे संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच कर कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी।
आशीष गर्ग, मुख्य अभियंता गोमतीनगर जोन
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