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बस में नाबालिग से गैंगरेप :​​​​​ दिल्ली पुलिस दोनों आरोपियों का कराएगी DNA टेस्ट, बस के अंदर ये सबूत मिले..

दिल्ली की कश्मीरी गेट थाना पुलिस ने चलती स्लीपर बस में नाबालिग छात्रा से गैंगरेप की जांच में आरोपियों, पीड़िता के कपड़े, सीट कवर और सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को कब्जे में ले लिया है। यह सभी चीजें इस मामले में अहम साक्ष्य के तौर पर सामने आई हैं। पुलिस कोर्ट में इन्हें आरोपियों के खिलाफ सुबूत के तौर पर पेश करेगी।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि वारदात के समय पहने पीड़िता के कपड़े पर पड़े रक्त और स्पर्म के नमूने को एफएसएल ने जमा किया है। एफएसएल इसका मिलान आरोपियों के डीएनए से कराया जाएगा। इसके अलावा कुछ अंश बस की सीटों पर भी मिले हैं, जिसे एफएसएल ने कब्जे में लिया है। बस में लगे सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर को कब्जे में ले लिया गया है और जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि जांच टीम ने कश्मीरी गेट, तिमारपुर पार्किंग और ग्रेटर नोएडा में परी चौक के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को भी कब्जे में लिया है।

मोबाइल फोन के माध्यम से रूट बनाया जाएगा

पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपियों के पास मिले मोबाइल को जब्त कर लिया गया है। इसके मोबाइल की लोकेशन के आधार पर दिल्ली आने का रूट मैप बनाया जाएगा। इसकी पुष्टि के लिए संबंधित इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का सहारा लिया जाएगा। इसके साथ ही पुलिस को कुछ अहम फुटेज भी मिले हैं, जिसमें बस हनुमान मंदिर फ्लाईओवर पर चढ़ती हुई दिखाई दे रही है। इसके अलावा ग्रेटर नोएडा से दिल्ली के बीच में कुछ फुटेज मिली है, जिसके माध्यम से रूट बनाया जाएगा।

बस मालिक के दफ्तर से जुटाई जानकारी

उत्तर जिला डीसीपी निहारिका भट्ट ने सोमवार को बताया कि पीड़िता के साथ बस में घटना परी चौक के पास हुई थी। फिर आरोपियों ने पीड़िता को कश्मीरी गेट इलाके में बस से उतार दिया था। पुलिस टीम नोएडा स्थित बस मालिक के टूर एंड ट्रैवेल्स के दफ्तर भी पहुंची थी। वहां से ड्राइवर और कंडक्टर के बारे में जरूरी जानकारी जुटाई गई। पुलिस अधिकारी ने बताया कि अब तय समय में आरोपियों के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल करने की तैयारी की जा रही है।

अभियान चलाएगी पुलिस

मामले में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि पर्दे लगाने वाली बसों पर कार्रवाई की जाती है। आगे अभियान चलाया जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि स्लीपर बसों के मामले में ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग को नियमित औचक निरीक्षण करने होंगे।

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