
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश की संगम नगरी प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण दारागंज श्मशान घाट लगभग पूरी तरह जलमग्न हो गया है। इसके चलते लोगों को अंतिम संस्कार के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और कई परिवार सड़क किनारे शवों का अंतिम संस्कार करने को मजबूर हैं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार दारागंज श्मशान घाट पर प्रतिदिन लगभग 40 से 50 शवों का अंतिम संस्कार किया जाता है।
हालांकि गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण घाट का अधिकांश हिस्सा पानी में डूब गया है, जिससे अंतिम संस्कार की नियमित व्यवस्था प्रभावित हुई है। बताया गया है कि प्रयागराज के अलावा आसपास के जिलों तथा मध्य प्रदेश के रीवा, पन्ना समेत अन्य क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग अंतिम संस्कार के लिए दारागंज श्मशान घाट पहुंचते हैं।
घाट के जलमग्न होने के कारण अब कई स्थानों पर सड़क किनारे अंतिम संस्कार किए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो अंतिम संस्कार के लिए गंगा रिवर फ्रंट की सड़कों का भी उपयोग करना पड़ सकता है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। गंगा और यमुना के बढ़ते जलस्तर के कारण तटीय क्षेत्रों में सतर्कता बरती जा रही है।



