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बिजली सेक्टर में गौतम अडानी का 2 लाख करोड़ का बड़ा दांव, अगले 5 साल का पूरा प्लान आया सामने

बढ़ती गर्मी और उद्योगों की तेज रफ्तार के बीच देश में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है. इस बढ़ती डिमांड को पूरा करने के लिए अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने एक बड़े मास्टरप्लान का ऐलान किया है. बुधवार को ग्रुप की सालाना आम बैठक में उन्होंने बताया कि अडानी पावर अगले पांच सालों में 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का भारीभरकम निवेश करने जा रही है. इस पूंजी से कंपनी अपनी बिजली उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 45 गीगावाट तक ले जाएगी.

बिजली सेक्टर में गौतम अडानी का 2 लाख करोड़ का बड़ा दांव, अगले 5 साल का पूरा प्लान आया सामने

45 गीगावाट का बड़ा लक्ष्य

मौजूदा समय में जिस तेजी से इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स बन रहे हैं, नए कारखाने लग रहे हैं, उसे देखते हुए बिजली की निर्बाध सप्लाई सबसे बड़ी जरूरत बन गई है. अडानी पावर का यह मेगा विस्तार इसी जरूरत को पूरा करने की दिशा में एक अहम कदम है. कंपनी अपने एनर्जी, ट्रांसपोर्ट से लेकर लॉजिस्टिक्स जैसे अहम सेक्टर में लगातार अपना दायरा बढ़ा रही है. हाल ही में खत्म हुए वित्त वर्ष में ही अडानी ग्रुप ने 1.5 लाख करोड़ रुपये का कैपिटल एक्सपेंडिचर किया है.

हाइड्रो से लेकर परमाणु ऊर्जा तक मजबूत तैयारी

पारंपरिक बिजली उत्पादन के साथसाथ अडानी ग्रुप अब भविष्य की क्लीन ऊर्जा जरूरतों पर भी गंभीरता से काम कर रहा है. गौतम अडानी ने अपने संबोधन में साफ किया कि भारत के दीर्घकालिक ऊर्जा भविष्य को सुरक्षित करने के लिए उन्होंने ‘अडानी एटॉमिक एनर्जी’ के जरिए परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भी कदम रख दिया है. कंपनी ने इसके लिए जमीन भी चिन्हित कर ली है. इसमें 2035 तक 10 गीगावाट परमाणु बिजली बनाने का बड़ा लक्ष्य रखा गया है. इसके अलावा, पड़ोसी देश भूटान की ‘ड्रुक ग्रीन पावर कॉर्पोरेशन’ के साथ मिलकर हिमालयी क्षेत्र में 5,000 मेगावाट के हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स विकसित करने पर भी सहमति बनी है.

रिकॉर्ड मुनाफे से मिल रही विस्तार को ताकत

किसी भी कंपनी के लिए इतने बड़े निवेश का ऐलान तभी संभव होता है, जब उसकी वित्तीय स्थिति बेहद मजबूत हो. अडानी ग्रुप के हालिया आंकड़े इसी मजबूती की गवाही देते हैं. वित्त वर्ष 2026 में ग्रुप का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 2.92 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया. इस दौरान कंपनी का एबिटडा 94,834 करोड़ रुपये रहा, जबकि मुनाफा करीब 13.9 फीसदी उछलकर 46,376 करोड़ रुपये हो गया. कंपनी के पास 67,995 करोड़ रुपये का मजबूत कैश फ्लो भी है. इस शानदार वित्तीय प्रदर्शन का ही नतीजा है कि कंपनी देश के बुनियादी ढांचे में इतने बड़े पैमाने पर पैसा लगाने का जोखिम उठा पा रही है.

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