
Bihar Crime: बिहार के सुपौल जिले में कोसी तटबंध पर एक युवती के तेज बहाव वाली नदी में गिरने का मामला सामने आया है। मौके पर ड्यूटी कर रहे एक जूनियर इंजीनियर (JE) और एक मजदूर ने अपनी जान जोखिम में डालकर युवती को सुरक्षित बाहर निकाला। युवती ने आरोप लगाया है कि उसके मामा और बहनोई उसे प्रेमी से मिलाने के बहाने वहां ले गए और नदी में धक्का दे दिया।
“बचाओ-बचाओ” की आवाज सुनकर बचाई जान
घटना सदर प्रखंड के बसबिट्टी पंचायत स्थित कोसी तटबंध की बताई जा रही है। देर रात ड्यूटी पर मौजूद जूनियर इंजीनियर चितरंजन कुमार और मजदूर सुभाष कुमार ने नदी की ओर से मदद की आवाज सुनी। हालात की गंभीरता को देखते हुए सुभाष कुमार ने तुरंत नदी में छलांग लगाई और काफी मशक्कत के बाद युवती को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
युवती ने लगाए गंभीर आरोप
बचाए जाने के बाद युवती ने अपनी पहचान आशा कुमारी के रूप में बताई। उसका आरोप है कि परिवार उसकी प्रेम संबंधों से नाराज था। युवती के अनुसार, उसकी इच्छा के विरुद्ध कुछ समय पहले उसकी शादी दूसरे युवक से कर दी गई थी, जबकि वह अपने प्रेमी के साथ रहना चाहती थी।
उसने आरोप लगाया कि मंगलवार रात उसके मामा और बहनोई उसे प्रेमी से मिलाने का भरोसा देकर घर से बाहर ले गए और बाद में कोसी नदी में धक्का दे दिया।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना के बाद पुलिस ने युवती को सुरक्षित संरक्षण में लिया और उसके बयान दर्ज किए। अधिकारियों का कहना है कि युवती द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। मामले से जुड़े सभी पक्षों से पूछताछ की जाएगी और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बहादुरी की हो रही सराहना
स्थानीय लोगों ने युवती की जान बचाने वाले जूनियर इंजीनियर चितरंजन कुमार और मजदूर सुभाष कुमार की बहादुरी की सराहना की है। समय रहते दोनों की सतर्कता और साहस के कारण युवती की जान बचाई जा सकी।
नोट: युवती द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि अभी जांच के दौरान की जानी है। मामले में अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।


