19 अक्टूबर से शुरू होने वाले छोटे सप्ताह में भले ही IPO की बाढ़ न आए, लेकिन प्राइमरी मार्केट में काफी हलचल रहने वाली है. इस दौरान केवल दो IPO खुलने वाले हैं, और दोनों ही मेनबोर्ड सेगमेंट के हैं. हालांकि, सबकी नजरें अरबपति मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज के टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म, ‘जियो प्लेटफॉर्म्स’ के बहुप्रतीक्षित IPO पर टिकी रहेंगी. इन दो मेनबोर्ड IPO के ज़रिए कुल 31,637.6 करोड़ रुपये जुटाए जाने की उम्मीद है. वहीं, अगले सप्ताह स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइज सेगमेंट में कोई नया IPO नहीं खुलने वाला है.

जियो आईपीओ
- इन दोनों में से, टेलीकॉम ऑपरेटर ‘रिलायंस जियो इन्फोकॉम’ की पैरेंट कंपनी ‘जियो प्लेटफॉर्म्स’ सबसे ज्यादा चर्चा में रहेगी. कंपनी अपने पहले पब्लिक ऑफरिंग के जरिए 30,187.6 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है. इसमें कर्मचारियों को दिए जाने वाले 54 रुपए प्रति शेयर के डिस्काउंट को भी ध्यान में रखा गया है. इस इश्यू में पूरी तरह से 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे, जिससे यह इश्यू साइज के हिसाब से भारत के इक्विटी मार्केट का सबसे बड़ा IPO बन जाएगा.
- जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO से पहले, 2024 में आया हुंडई मोटर इंडिया का 27,859 करोड़ रुपए का IPO देश का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू था. इसके बाद 2026 में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 22,563 करोड़ रुपए का ऑफर और 2022 में लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया का 20,557 करोड़ रुपए का IPO आया था. जियो प्लेटफॉर्म्स IPO की ‘एंकर बुक’ 19 अक्टूबर को एक दिन के लिए खुलेगी, जिससे लगभग 8,000 करोड़ रुपए जुटने की उम्मीद है.
- कंपनी ने 27,187.6 करोड़ रुपए के नेट पब्लिक इश्यू साइज का 50 प्रतिशत हिस्सा ‘क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स’ के लिए आरक्षित किया है . इसके अलावा, 15 प्रतिशत हिस्सा ‘नॉनइंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स’ के लिए और बाकी 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रखा गया है. QIB हिस्से में से 60 प्रतिशत एंकर निवेशकों को, 33.33 प्रतिशत घरेलू म्यूचुअल फंडों को, और बाकी 6.67 प्रतिशत जीवन बीमा कंपनियों तथा पेंशन फंडों को आवंटित किया जा सकता है.
- जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ रुपए और अपनी पैरेंट कंपनी, रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ रुपए के शेयर आरक्षित किए हैं. पात्र कर्मचारियों को अंतिम ऑफर प्राइस पर 54 रुपए प्रति शेयर की छूट मिलेगी. लगभग 10.3 लाख करोड़ रुपए के वैल्यूएशन का लक्ष्य रखने वाली जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO 21 अक्टूबर को पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 23 अक्टूबर को बंद होगा. इसके लिए प्राइस बैंड 1,0651,119 रुपए प्रति शेयर तय किया गया है.
- निवेशक कम से कम 12 इक्विटी शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं और इसके बाद 12 के मल्टीपल्स में शेयरों के लिए आवेदन कर सकते हैं. प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर, रिटेल निवेशकों के लिए 12 शेयरों के एक लॉट में न्यूनतम निवेश 13,428 रुपए होगा. अधिकतम निवेश 14 लॉट के लिए 1,87,992 रुपए होगा.
- जियो प्लेटफॉर्म्स जिसकी टेलीकॉम क्षेत्र की अन्य लिस्टेड कंपनियों में भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया शामिल हैं IPO से मिलने वाली राशि में से 27,500 करोड़ रुपये का उपयोग अपनी मुख्य सब्सिडियरी, रिलायंस जियो इन्फोकॉम के कर्ज को चुकाने के लिए करेगी. इस सब्सिडियरी पर कुल 29,917.1 करोड़ रुपये का बकाया कर्ज था. बाकी बची राशि का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट कार्यों के लिए किया जाएगा.
- पिछले गुरुवार को कंपनी की IPO प्रेस कॉन्फ्रेंस में चेयरमैन आकाश अंबानी ने कहा कि जियो प्लेटफॉर्म्स ‘नेटडेटफ्री’ स्थिति की ओर बढ़ रही है, और IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कर्ज कम करने के लिए किया जाएगा. इस कर्ज अदायगी से टेलीकॉम और डिजिटल सेवा कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत होने की उम्मीद है, क्योंकि कंपनी अब अपने ग्रोथ के अगले चरण में प्रवेश कर रही है.
पारस हेल्थकेयर आईपीओ
इस बीच, गुरुग्राम स्थित अस्पताल चेन ‘पारस हेल्थकेयर’ इस हफ्ते का दूसरा मेनबोर्ड IPO होगा, जिसका सब्सक्रिप्शन शेड्यूल जियो प्लेटफॉर्म्स जैसा ही है. डॉ. धर्मिंदर कुमार नागर द्वारा स्थापित यह कंपनी अपने 660693 रुपए प्रति शेयर के प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर 1,450 करोड़ रुपए जुटाने की योजना बना रही है. इस IPO में 500 करोड़ रुपए के नए शेयर जारी किए जाएंगे. इसके अलावा, प्रमोटर धर्मिंदर कुमार नागर और निवेशक ‘कॉमेलिना’ द्वारा 650 करोड़ रुपए के शेयरों की बिक्री की जाएगी. जून 2026 तक, पारस हेल्थकेयर उत्तर भारत, बिहार और झारखंड में आठ अस्पतालों की एक चेन चलाती है, जिनमें कुल 2,211 बेड की क्षमता है. कंपनी फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम में से 375 करोड़ रुपए का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए करेगी, जबकि बाकी बची राशि का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट कार्यों के लिए किया जाएगा. दशहरा के कारण 20 अक्टूबर को शेयर बाजार बंद रहेगा.
अगले हफ्ते बंद होने वाले IPO
इस बीच, चार मेनबोर्ड IPO—जेटवर्क मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस, सहजानंद मेडिकल टेक्नोलॉजीज, बॉनफिग्लिओली ट्रांसमिशन और टोंबो इमेजिंग इंडिया—19 अक्टूबर को बंद होने वाले हैं. SME सेगमेंट में, शेल्ज इंडिया का IPO भी उसी दिन बंद हो जाएगा. सब्सक्रिप्शन के ताजा आंकड़ों के अनुसार, जेटवर्क मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस के 5,012 करोड़ रुपये के IPO को 31 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिला, जबकि बॉनफिग्लिओली ट्रांसमिशन के 2,534 करोड़ रुपए के इश्यू को 99 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिला. टोंबो इमेजिंग इंडिया के 852 करोड़ रुपए के IPO के लिए ऑफर किए गए शेयरों के मुकाबले 7.78 गुना बोलियां मिलीं, वहीं सहजानंद मेडिकल टेक्नोलॉजीज के 475 करोड़ रुपए के इश्यू को 82 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिला. शेल्ज इंडिया के 60 करोड़ रुपए के IPO को 91 फीसदी सब्सक्रिप्शन मिला.
अगले हफ्ते 9 लिस्टिंग
फायर प्रोटेक्शन उपकरण और सिस्टम बनाने वाली कंपनी HD फायर प्रोटेक्ट, और कस्टमर एक्सपीरियंस व बिजनेस प्रोसेस सॉल्यूशंस देने वाली कंपनी फ्यूजन CX, क्रमशः 21 अक्टूबर और 22 अक्टूबर को शेयर बाजार में कदम रखने वाली हैं. इनके बाद जेटवर्क मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस, सहजानंद मेडिकल टेक्नोलॉजीज, बॉनफिग्लिओली ट्रांसमिशन और टोंबो इमेजिंग इंडिया की लिस्टिंग होगी, जो सभी 23 अक्टूबर को बाजार में उतरेंगी. SME सेगमेंट में, वैभव व्यापार और रविता इंजीनियरिंग सर्विसेज क्रमशः 21 अक्टूबर और 22 अक्टूबर को NSE इमर्ज प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होंगी. शेल्ज़ इंडिया के शेयरों की ट्रेडिंग 23 अक्टूबर से BSE SME प्लेटफॉर्म पर शुरू होने वाली है.



