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गोरखपुर: नौकरी नहीं मिली तो चार दोस्तों ने चुना बाइक चोरी का रास्ता, गाड़ियां खोलकर अलग-अलग बेचते थे पुर्जे

गोरखपुर: नौकरी नहीं मिली तो चार दोस्तों ने चुना बाइक चोरी का रास्ता, गाड़ियां खोलकर अलग-अलग बेचते थे पुर्जे

गोरखपुर: दसवीं तक पढ़ाई करने के बाद नौकरी नहीं मिली तो चार दोस्तों पर मोटरसाइकिल चोरी करने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी घरों के सामने खड़ी बाइकों को निशाना बनाते थे। इसके बाद मोटरसाइकिलों को खोलकर उनके अलग-अलग पुर्जे बेच देते थे। मंगलवार को बेलीपार पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की चार मोटरसाइकिलें और एक बोरे में रखे वाहनों के अलग-अलग पुर्जे बरामद किए हैं। गिरफ्तारी के बाद चारों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

बाइक चोरी की शिकायत से खुला मामला

पुलिस के अनुसार, बेलीपार क्षेत्र के निवासी कुलदीप शाही की मोटरसाइकिल 8 अक्टूबर को उनके घर के सामने से चोरी हो गई थी। इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। छानबीन के दौरान चार युवकों के नाम सामने आए।

मंगलवार को पुलिस को आरोपियों के बारे में सूचना मिली। इसके बाद टीम ने सुबह करीब चार बजे महोब बंधा मोड़ पर घेराबंदी कर चारों को पकड़ लिया। तलाशी और बरामदगी के दौरान चोरी की चार बाइकें तथा एक बोरे में रखे अलग-अलग वाहन पुर्जे मिलने की बात सामने आई।

चारों आरोपियों की पहचान

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संतकबीरनगर जिले के महुली थाना क्षेत्र के सकरैचा निवासी अंगद कुमार यादव, धनघटा थाना क्षेत्र के रजनीली निवासी शिवा कुमार, महुली थाना क्षेत्र के सतहरा निवासी आशुतोष कसौधन और गोरखपुर जिले के बांसगांव क्षेत्र के मोहन बेदौली निवासी अतुल राय के रूप में हुई है।

पुलिस अब बरामद मोटरसाइकिलों और पुर्जों के संबंध में आगे की जांच कर रही है। मामले में आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध रिपोर्ट और पुलिस की ओर से दी गई जानकारी पर आधारित है। आरोपों से जुड़े तथ्यों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगी।

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