
चूरू: राजस्थान के चूरू जिले से बाल विवाह और घरेलू प्रताड़ना का एक दर्दनाक मामला सामने आया है। संयुक्त कार्रवाई में दो नाबालिग सगी बहनों को उनके ससुराल से सुरक्षित निकाला गया। आरोप है कि दोनों बहनें करीब डेढ़ साल से मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेल रही थीं। शिकायत मिलने के बाद चाइल्ड हेल्प लाइन और अन्य विभागों की टीम ने कार्रवाई करते हुए उन्हें रेस्क्यू किया।
जानकारी के अनुसार, दोनों बहनें बीकानेर जिले के एक गांव की रहने वाली हैं। वर्ष 2024 में उनके पिता ने कम उम्र में ही दोनों की शादी चूरू जिले की रतनगढ़ तहसील के कांगड़ गांव में करा दी थी। उस समय बड़ी बहन 11वीं और छोटी बहन 9वीं कक्षा में पढ़ाई कर रही थी। विवाह के बाद दोनों की पढ़ाई बीच में ही छूट गई और उन्हें ससुराल भेज दिया गया।
उम्र में काफी बड़े युवकों से कराई गई शादी
बताया जा रहा है कि बड़ी बहन का विवाह 32 वर्षीय युवक से, जबकि छोटी बहन की शादी 26 वर्षीय युवक से कराई गई। आरोप है कि शादी के कुछ महीने बाद ही दोनों को घरेलू कामकाज के नाम पर प्रताड़ित किया जाने लगा। छोटी-छोटी बातों पर डांटना, मारपीट करना और अपमानित करना उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गया।
बेल्ट से पिटाई और ब्लेड से हमला करने का आरोप
पीड़ित बहनों का आरोप है कि उनके साथ कई बार बेल्ट से मारपीट की गई। हाल ही में कथित तौर पर उनकी सास ने उनके साथ मारपीट की और ब्लेड से हाथ पर भी वार कर दिया। इसी घटना के बाद मामले की जानकारी चाइल्ड हेल्प लाइन तक पहुंची।
संयुक्त टीम ने किया रेस्क्यू
सूचना मिलते ही सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की चाइल्ड हेल्प लाइन, मानव तस्करी विरोधी यूनिट और कालिका पेट्रोलिंग टीम ने संयुक्त अभियान चलाकर दोनों नाबालिग बहनों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया।
फिलहाल दोनों बहनों को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। संबंधित विभाग पूरे मामले की जांच कर रहे हैं और बाल विवाह व प्रताड़ना के आरोपों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।



