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सरकारी बैंकों ने सरकार पर की नोटों की बरसात! एक साल में खजाने में डाले 9,439 करोड़

केंद्र सरकार की सिर्फ रिजर्व बैंक से ही रिकॉर्ड कमाई नहीं हुई है. बल्कि सरकारी बैंकों ने भी सरकार के खजाने में कई हजार करोड़ रुपए डिविडेंड जमा किए. केनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा ने डिविडेंड के रूप में रिकॉर्ड पैसे दिए हैं. खास बात तो तो ये है कि सिर्फ 4 बैंकों ने ही सरकार के खजाने में 9400 करोड़ रुपए से ज्यादा जमा किए. इससे पहले देश के बैंकिंग रेगुलेटर आरबीआई ने 2.86 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का रिकॉर्ड डिविडेंड देने का ऐलान किया था. आइए आपको भी बताते हैं कि बैंकों के डिविडेंड को लेकर किस तरह की जानकारी सामने आई है.

सरकारी बैंकों ने सरकार पर की नोटों की बरसात! एक साल में खजाने में डाले 9,439 करोड़

चार बैकों ने दिया कितना डिविडेंड

सरकारी लेंडर केनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक और इंडियन बैंक ने वित्त वर्ष 202526 के लिए केंद्र सरकार को कुल 9,439 करोड़ रुपए का डिविडेंड दिया है. केनरा बैंक के नवनियुक्त प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी ब्रजेश कुमार सिंह ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को 2,397 करोड़ रुपये के लाभांश का चेक सौंपा. इस अवसर पर वित्तीय सेवा सचिव संजय लोहिया भी मौजूद रहे. केनरा बैंक ने वित्त वर्ष 202526 के लिए प्रति शेयर 4.20 रुपये का लाभांश घोषित किया है, जो दो रुपये अंकित मूल्य वाले प्रत्येक शेयर का 210 प्रतिशत है.

इन बैंकों ने की बड़ी घोषणा

पीएनबी के प्रबंध निदेशक और सीईओ अशोक चंद्रा ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को 2,416 करोड़ रुपये का लाभांश चेक सौंपा. बैंक ऑफ बड़ौदा ने एक बयान में कहा कि उसके एमडी एवं सीईओ देबदत्त चंद ने वित्त मंत्री को 2,811 करोड़ रुपये के लाभांश का चेक सौंपा. बैंक ने वित्त वर्ष 202526 के लिए प्रति इक्विटी शेयर 8.50 रुपये का लाभांश घोषित किया है, जो दो रुपये अंकित मूल्य वाले प्रत्येक शेयर का 425 प्रतिशत है. इंडियन बैंक के एमडी एवं सीईओ बिनोद कुमार ने वित्त मंत्री को 1,815.05 करोड़ रुपये के लाभांश का चेक सौंपा. चेन्नई स्थित इंडियन बैंक ने एक बयान में कहा कि वह समावेशी बैंकिंग और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देकर सरकार के विकसित भारत लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है.

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