राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के बाद सोमवार को राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक हुई. बैठक करीब तीन घंटे तक चली. बैठक के बाद कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने मीडिया को जारी बयान में कहा कि महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा का इस्तीफा सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया. संविधान के अनुसार त्यागपत्र देते ही इसे स्वीकृत माना जाता है. इसके बिना कोई चारा नहीं था. उन्होंने कहा कि उनके कार्य का सम्मान करते हुए उनका सम्मान करते हुए इसे स्वीकार किया है. उन्होंने कहा कि अंतरिम महामंत्री कृष्ण मोहन को सौंपा गया है. उन्होंने कहा कि सारे कामों को कुशलता से वह संपादित करेंगे.

उन्होंने कहा कि इस वातावरण के चलते महामंत्री चंपत राय और न्यासी अनिल मिश्रा ने त्यागपत्र प्रदान किया है और यह महामंत्री के नाते काम करने वाले चंपत राय को बड़ी वेदना हुई और उनको लगा कि जब तक न्याय नहीं हो जाता और दंड नहीं मिलता. हम लोगों को वहां बने रहना ठीक नहीं लगता है. स्वयं त्यागपत्र दिया.
दान पात्र की चोरी लज्जाजनक
उन्होंने कहा कि आज एक असाधारण स्थिति निर्माण हुई. सभी लोगों ने निर्णय किया कि न्यास की बैठक 11 जुलाई को होना था. छह जुलाई को करने का निर्णय किया गया.
उन्होंने कहा कि इस बैठक में पूर्ण कोरम बहुत अच्छा रहा. यह बैठक सभी को साथ लेकर दीर्घकाल चली. उन्होंने कहा कि हमलोगों को सबसे बड़ा दुख था. जिस परिस्थिति का सामना किया जा रहा है. वह बहुत दुखदायक है. इसके लिए लोगों ने अपने प्राणों की परवाह नहीं की और करियर का परवाह नहीं किया.
उन्होंने कहा कि दान पात्र की चोरी लज्जाजनक है. हम लोगों दुखी हैं और इस प्रकार का वातावरण हुआ. इससे हम आहत हैं. इस पर विचार करना हमारा कर्तव्य होता है.
उन्होंने कहा कि आरोप लगाए जा रहे हैं कि कई दूसरी अच्छी क्वालिटी की भेंट और दान की गई चीजे भी…” बिना किसी निशान के गायब हो गया. हम आपको दिखाने के लिए इन सभी चीजों का रिकॉर्ड वाला रजिस्टर लाए हैं; हम उन सभी चीजों की डिटेल्स दिखाएंगे जिन पर सवाल है. हम आज ये सब आपके सामने दिखाने जा रहे हैं.
फिलहाल खबर अपडेट जा रही है.


