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चना, ओट्स और दही… डायबिटीज में फायदेमंद हो सकते हैं ये 5 फाइबर रिच फूड्स, डायटीशियन ने बताई हेल्दी लिस्ट.

चना, ओट्स और दही… डायबिटीज में फायदेमंद हो सकते हैं ये 5 फाइबर रिच फूड्स, डायटीशियन ने बताई हेल्दी लिस्ट.

Diabetes Diet: डायबिटीज में सिर्फ दवाइयों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं होता। ब्लड शुगर को मैनेज करने के लिए खान-पान, शारीरिक गतिविधि और लाइफस्टाइल का भी अहम योगदान होता है। खासकर फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थ भोजन के बाद ब्लड शुगर बढ़ने की रफ्तार को धीमा करने में मदद कर सकते हैं।

चना, ओट्स, बीन्स, सब्जियां और बिना चीनी वाला दही जैसे विकल्प डाइट को ज्यादा पौष्टिक और संतुलित बना सकते हैं। हालांकि, डायबिटीज में हर व्यक्ति की जरूरत अलग होती है और किसी भी फूड का असर उसकी मात्रा, पूरी डाइट और दवाओं पर निर्भर कर सकता है।

चना और चिकन का सलाद

चना और चिकन का सलाद प्रोटीन और फाइबर का अच्छा कॉम्बिनेशन हो सकता है। उबले चने, पका हुआ चिकन, बिना चीनी वाला दही और हरी सब्जियों से इसे तैयार किया जा सकता है।

चना फाइबर और प्लांट प्रोटीन देता है, जबकि चिकन प्रोटीन का अच्छा स्रोत है। यह कॉम्बिनेशन लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद कर सकता है।

डायबिटीज वाले लोग इसे लंच या हल्के डिनर के रूप में ले सकते हैं। सलाद में मीठी ड्रेसिंग या ज्यादा नमक डालने से बचना बेहतर है।

भुना चना है अच्छा स्नैक विकल्प

शाम की भूख लगने पर चिप्स, बिस्किट या दूसरे ज्यादा रिफाइंड स्नैक्स की जगह भुना चना लिया जा सकता है।

इसमें फाइबर और प्लांट प्रोटीन पाया जाता है, जो पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद कर सकता है। बाजार से भुना चना खरीदते समय कम नमक वाला विकल्प चुनें।

ध्यान रखें कि हेल्दी फूड भी जरूरत से ज्यादा मात्रा में खाने पर अतिरिक्त कैलोरी दे सकता है, इसलिए पोर्शन का ध्यान रखना जरूरी है।

चिकन, बीन्स और सब्जियों का सूप

चिकन, बीन्स और अलग-अलग सब्जियों से तैयार सूप प्रोटीन और फाइबर से भरपूर भोजन बन सकता है।

इसमें पालक, गाजर, बीन्स, लौकी या दूसरी कम स्टार्च वाली सब्जियां शामिल की जा सकती हैं। चिकन से प्रोटीन और बीन्स व सब्जियों से फाइबर मिलता है।

डायबिटीज के लिए सूप बनाते समय मैदा, ज्यादा क्रीम, अतिरिक्त नमक और मीठी सॉस का इस्तेमाल सीमित रखना बेहतर है।

नमकीन ओट्स बाउल भी है बढ़िया विकल्प

ओट्स को सिर्फ मीठे नाश्ते के तौर पर खाने की जरूरत नहीं है। इन्हें सब्जियों, अंडे, दही या दूसरे प्रोटीन स्रोतों के साथ नमकीन बाउल के रूप में भी खाया जा सकता है।

ओट्स में घुलनशील फाइबर, खासकर बीटा-ग्लूकान, पाया जाता है। फाइबर युक्त भोजन ब्लड शुगर मैनेजमेंट में मदद कर सकता है।

डायबिटीज में ओट्स बनाते समय चीनी, फ्लेवर्ड सिरप या ज्यादा मीठी चीजें डालने के बजाय सब्जियों और प्रोटीन को प्राथमिकता देना बेहतर है।

दही और फलों का पारफे

बिना चीनी वाला गाढ़ा दही या ग्रीक-स्टाइल योगर्ट लेकर उसमें थोड़ी मात्रा में फल और मेवे मिलाकर पौष्टिक स्नैक तैयार किया जा सकता है।

दही से प्रोटीन और कैल्शियम मिलता है, जबकि फल और मेवे फाइबर तथा दूसरे पोषक तत्व उपलब्ध कराते हैं। बेरीज उपलब्ध हों तो उन्हें शामिल किया जा सकता है।

अगर केला इस्तेमाल कर रहे हैं तो उसकी मात्रा का ध्यान रखें। साथ ही चीनी, शहद, मीठी सिरप और ज्यादा मीठी ग्रेनोला डालने से बचें, क्योंकि इनसे भोजन में कुल शुगर और कैलोरी बढ़ सकती है।

डायबिटीज में फाइबर क्यों जरूरी है?

फाइबर शरीर में पचने की प्रक्रिया को धीमा करता है और भोजन के बाद ब्लड शुगर के तेजी से बढ़ने को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। इसके अलावा फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद करता है, जिससे ओवरईटिंग से बचने में सहायता मिल सकती है।

हालांकि, अचानक बहुत ज्यादा फाइबर खाना शुरू करने से कुछ लोगों को गैस, पेट फूलना या दूसरी पाचन संबंधी परेशानी हो सकती है। इसलिए फाइबर की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ाना और पर्याप्त पानी पीना बेहतर होता है।

सिर्फ इन फूड्स से डायबिटीज कंट्रोल नहीं होती

चना, ओट्स, दही या कोई अन्य ‘सुपरफूड’ डायबिटीज का इलाज नहीं है। ब्लड शुगर मैनेजमेंट के लिए पूरी डाइट, नियमित शारीरिक गतिविधि, वजन प्रबंधन, पर्याप्त नींद और डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं का पालन जरूरी हो सकता है।

डायबिटीज की दवा लेने वाले लोगों को अपनी डाइट में बड़ा बदलाव करने से पहले डॉक्टर या रजिस्टर्ड डायटीशियन से सलाह लेनी चाहिए।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है। डायबिटीज में फाइबर और कार्बोहाइड्रेट की जरूरत हर व्यक्ति के ब्लड शुगर, दवाओं, उम्र और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अलग हो सकती है। किसी भी फूड को इलाज न समझें और दवा की खुराक में बदलाव खुद से न करें। डाइट में बड़ा बदलाव करने से पहले डॉक्टर या रजिस्टर्ड डायटीशियन की सलाह लें।

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