
Gujarat Crime News: गुजरात के मेहसाणा जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। 8 जुलाई को जिस घटना को शुरुआत में सामान्य हिट एंड रन हादसा माना गया था, पुलिस जांच में वह कथित तौर पर सुनियोजित हत्या का मामला बनकर सामने आया। पुलिस ने इस मामले में मृतक की पत्नी, बेटी और भांजे को गिरफ्तार किया है।
सड़क हादसा समझकर शुरू हुई थी जांच
पुलिस के अनुसार, 8 जुलाई 2026 को विजापुर के आनंदपुरा रोड पर मेडिकल स्टोर संचालक विनोदभाई पटेल अपनी एक्टिवा से जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से आई एक तेज रफ्तार सफेद ब्रेजा कार ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कार चालक मौके से फरार हो गया।
शुरुआत में मामला हिट एंड रन के रूप में दर्ज किया गया था।
CCTV और गवाह से खुली साजिश
जांच के दौरान पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। एक बिना नंबर प्लेट वाली ब्रेजा कार संदिग्ध नजर आई। इसी बीच पुलिस को एक महत्वपूर्ण गवाह मिला, जिसने बताया कि उसका दोस्त विमल पटेल उसे सीसीटीवी कैमरा लगाने के बहाने कार में लेकर गया था।
गवाह के अनुसार, रास्ते में कार चालक ने जानबूझकर एक्टिवा सवार व्यक्ति को टक्कर मारी और बिना रुके वहां से चला गया।
पूछताछ में सामने आया बड़ा खुलासा
पुलिस ने संदेह के आधार पर अस्नापुरा गांव निवासी विमल पटेल को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि टक्कर जानबूझकर मारी गई थी।
जांच के मुताबिक, आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि उसने यह वारदात अपनी मौसी रीटाबेन पटेल और उनकी बेटी श्रद्धा पटेल के कहने पर अंजाम दी।
पुलिस का दावा- बेटी ने साझा की थी लोकेशन
पुलिस के अनुसार, घटना वाले दिन मृतक की बेटी ने अपने पिता की लोकेशन आरोपी को भेजी थी। इसके बाद आरोपी कार लेकर उनके पीछे लगा और कथित तौर पर सुनियोजित तरीके से टक्कर मारकर फरार हो गया।
हत्या के पीछे क्या थी वजह?
प्रारंभिक जांच में पुलिस का कहना है कि मृतक को अपनी पत्नी पर शक था, जिसके चलते परिवार में अक्सर विवाद होता था। पुलिस का आरोप है कि इसी वजह से पत्नी और बेटी ने भांजे को कथित तौर पर पैसों का लालच देकर हत्या की साजिश रची।
हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि अभी अदालत में होना बाकी है।
तीनों आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में पत्नी, बेटी और भांजे को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की आगे की जांच जारी है और पुलिस अन्य सबूतों के आधार पर केस को मजबूत करने में जुटी है।
नोट: यह मामला पुलिस जांच और आरोपों पर आधारित है। आरोपियों के खिलाफ लगे आरोप अभी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं और अदालत का अंतिम फैसला आना बाकी है।


