
हरदोई, अमृत विचार। शाहाबाद नगर पालिका परिषद में आउटसोर्सिंग से जुड़ी पत्रावली नहीं मिलने से हड़कंप मच गया है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद नगर पालिका से संबंधित पत्रावली तलब की गई थी, लेकिन काफी तलाश के बाद भी रिकॉर्ड नहीं मिला। मामले में नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी सर्वेश कुमार ने तत्कालीन ईओ कृष्ण कुमार सोनकर ‘केके’ और अधिष्ठापन लिपिक के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी। पुलिस ने बीएनएस की धारा 316 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद खोजी गई थी पत्रावली
दरअसल, आउटसोर्सिंग से जुड़े मामले में हाईकोर्ट में रिट संख्या1638/2026 दाखिल की गई थी। मामले में आए फैसले के तहत कोर्ट के आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए नगर पालिका परिषद से आउटसोर्सिंग से संबंधित पत्रावली मांगी गई। पालिका में रिकॉर्ड की तलाश शुरू हुई तो संबंधित पत्रावली कहीं नहीं मिली। काफी खोजबीन के बाद भी जब दस्तावेज नहीं मिले तो अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया।
अधिष्ठापन लिपिक ने पूर्व ईओ को सौंपने की बताई बात
जांच के दौरान अधिष्ठापन लिपिक ने बताया कि संबंधित पत्रावली तत्कालीन अधिशासी अधिकारी कृष्ण कुमार सोनकर ‘केके’ को सौंपी गई थी। हालांकि नगर पालिका के रिकॉर्ड में पत्रावली हस्तांतरण से संबंधित कोई लिखित रसीद या अन्य साक्ष्य दर्ज नहीं है। पत्रावली के गायब होने के कारण हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन भी प्रभावित हो रहा है।
पूर्व ईओ पहले से जेल में बंद
गौरतलब है कि तत्कालीन ईओ कृष्ण कुमार सोनकर ‘केके’ को उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान , लखनऊ सेक्टर पहले ही हिरासत में ले चुका है। वह वर्तमान में जेल में बंद हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए ईओ शाहाबाद सर्वेश कुमार ने कोतवाली में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने केस दर्ज कर पत्रावली के गायब होने के मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रकरण की जानकारी एडीएम और नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष को भी दे दी गई है।



