
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में अगले 24 घंटे के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार मानसूनी प्रणाली के मजबूत होने के कारण अगले चार से पांच दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
मौसम विभाग के मुताबिक मानसूनी द्रोणी अपनी सामान्य स्थिति के करीब बनी हुई है। यह फिरोजपुर, रोहतक, कानपुर, डाल्टनगंज और दीघा होते हुए उत्तरपूर्वी बंगाल की खाड़ी तक विस्तृत है। इसके अलावा प्रदेश के दक्षिणपूर्वी और दक्षिणपश्चिमी हिस्सों पर सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण के कारण गंगा के मैदानी क्षेत्रों में मानसूनी प्रवाह मजबूत हुआ है। इसी वजह से व्यापक वर्षा के साथ अगले 24 घंटे में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।
इन जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान
छह अगस्त के प्रभाव आधारित पूर्वानुमान के अनुसार प्रयागराज, कौशांबी, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, कानपुर नगर, कानपुर देहात, रायबरेली, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, जालौन और हमीरपुर तथा आसपास के क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
वहीं बांदा, चित्रकूट, वाराणसी, जौनपुर, अमेठी, सुल्तानपुर, मेरठ, गाजियाबाद, आगरा, झांसी और ललितपुर समेत कई अन्य जिलों में भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है।
7 से 10 अगस्त तक कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार सात और आठ अगस्त को पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। नौ अगस्त को प्रदेश के दोनों हिस्सों में कुछ जगहों पर भारी वर्षा की संभावना है। वहीं 10 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बारिश का अनुमान है।
यूपी में अब तक सामान्य से 21 फीसदी कम बारिश
बारिश का दौर तेज होने के बावजूद प्रदेश में अब तक मौसमी वर्षा सामान्य से कम है। छह अगस्त तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में 314.6 मिमी बारिश दर्ज हुई, जो सामान्य से 27 फीसदी कम है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 317.4 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 13 फीसदी कम है।
पूरे उत्तर प्रदेश में अब तक 315.8 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है, जो सामान्य से 21 फीसदी कम है।
इटावा में 126 मिमी बारिश, लखनऊ में भी जमकर बरसे बादल
पिछले 24 घंटों में इटावा के बढ़पुरा क्षेत्र में 126 मिमी और चकरनगर में 120 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। दोनों स्थानों पर बारिश ‘बहुत भारी वर्षा’ की श्रेणी में रही।
इसके अलावा बहराइच के कैसरगंज में 95 मिमी, मिर्जापुर के चुनार में 90 मिमी, वाराणसी बीएचयू में 85.6 मिमी और लखनऊ में 78.4 मिमी बारिश दर्ज की गई।
भारी बारिश में इन परेशानियों का खतरा
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश के चलते निचले इलाकों में जलभराव, नदियों और जलाशयों के जलस्तर में बढ़ोतरी, कच्चे और जर्जर मकानों को नुकसान तथा सड़क और रेल यातायात में बाधा जैसी स्थिति बन सकती है। बिजली आपूर्ति भी प्रभावित होने की आशंका है।
लोगों को जलभराव वाले इलाकों, उफनते नालों और नदियों से दूर रहने की सलाह दी गई है। जलमग्न सड़कों को पार करने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील भी की गई है।
किसानों के लिए मौसम विभाग की सलाह
किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है। भारी बारिश के दौरान उर्वरकों और रसायनों का प्रयोग नहीं करने को कहा गया है। धान, मक्का, अरहर, मूंगफली और सब्जी की फसलों में जलभराव रोकने के साथ केला और पपीता जैसी फसलों को सहारा देने की सलाह दी गई है, ताकि बारिश से फसल को होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।
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