Satya Report: Hidden Place In Uttarakhand: गर्मियों का मौसम आते ही लोग तपती गर्मी से बचने के लिए पहाड़ों का रूख करते हैं. जिसमें सबसे ज्यादा उत्तराखंड की जगहों को चुनते हैं. इसमें सबसे ज्यादा पॉपुलर हैं मसूरी, नैनीताल और औली जैसी जगहें. लेकिन अब ये जगहें इतनी आम हो गई हैं कि यहां भीड़ भी काफी ज्यादा रहती है. ऐसे में यहां आपको सुकून थोड़ा कम ही मिल पाता है. लेकिन उत्तराखंड में कई ऐसी जगहे भी हैं जो अब तक लोगों की नजरों से बची हुई हैं. ये जगहें भीड़भाड़ और शोरशराबे से दूर, प्रकृति के बेहद करीब होती हैं, जहां पहुंचकर ऐसा लगता है जैसे समय थम सा गया हो.

क्योंकि आजकल लोग ट्रैवल के दौरान सिर्फ घूमने ही नहीं, बल्कि सुकून और अलग अनुभव भी तलाश में भी होते हैं. ऐसे में उत्तराखंड की ये छिपी हुई वैलियां एक परफेक्ट डेस्टिनेशन साबित होती हैं. यहां के हरेभरे मैदान, बर्फ से ढकी पहाड़ियां, साफ बहती नदियां और शांत वातावरण किसी का भी दिल जीत लेने के लिए काफी हैं. चलिए इस आर्टिकल में आपको भी बताते हैं उत्तराखंड की एक ऐसी ही छिपी हुई वैली के बारे में जहां के नजारे आपका दिल जीत लेंगी.
क्यों खास है यह छिपी हुई वैली?
हम बात कर रहे हैं गढ़वाल हिमालय में बसी दून वैली की, जिसे वैली ऑफ गॉड्स भी कहा जाता है. ये वैली इतनी खूबसूरत है कि यहां के नजारे दिल में समा जाते हैं. हालांकि, अभी तक ये लोगों की नजरों से बची हुई है. यहां आपको हरेभरे घास के मैदान, बर्फ से ढकी चोटियां, और शांत बहती नदियों का सुंदर नजारा देखने को मिलता है. इसके अलावा आपको यहां लकड़ी के पुराने पहाड़ी घर और वहां का लाइफस्टाइल भी करीब से देखने का मौका मिलेगा. यहां के गांवों में आज भी लोग पुराने रीतिरिवाजों के साथ रहते हैं, जो इस जगह को और भी खास बना देता है. ट्रेकिंग के शौकीनों के लिए यह एक परफेक्ट डेस्टिनेशन है, जहां रास्ते भी उतने ही खूबसूरत हैं जितनी मंजिल.
कैसे पहुंचे दून वैली?
अगर आप दिल्ली से दून वैली जा रहे हैं तो सबसे पहले दिल्ली के कश्मीरी गेट से बस लेकर देहरादून पहुंचना होगा. इसके बाद वहां से सांकरी गांव तक बस या टैक्सी से जाएं. यहां से ट्रेक का बेस कैंप शुरु होता है. इस वैली तक पहुंचने के लिए ट्रेक करना होता है. ट्रेक करते हुए आप वैली तक पहुंचते हैं. बीच में आपको कई छोटेछोटे गांव और शानदार व्यू प्वाइंट्स भी देखने को मिलेंगे.
दून वैली के ये हैं खास प्वाइंट
दून वैली में आप काफी कुछ एक्सप्लोर कर सकते हैं. जिसमें ओसला गांव सबसे मशहूर है. यहां आपको पुरानी वास्तुकला और संस्कृति देखने को मिलती है. इसके अलावा तालुका ट्रेक कर सकते हैं. जौंधार ग्लेशियर भी एक बेहद शानदार जगह है जो एडवेंचर पसंद लोगों के लिए परफेक्ट रहेगी. आसपास के जंगल और व्यू पॉइंट्स ऐसे भी हैं जहां से हिमालय के शानदार नजारे देख सकते हैं.
दून वैली जाने का सही समय
वैसे तो पहाड़ों में जाने के लिए मानसून को छोड़कर हर मौसम ही बेस्ट होता है. लेकिन दून वैली जाने के लिए मार्च से जून और सितंबर से नवंबर के बीच का समय यहां बसे अच्छा माना जाता है. इस दौरान मौसम साफ रहता है और वैली की असली खूबसूरती देखने को मिलती है.



