Agra Samajwadi Party Protest: भाजपा विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल की सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर आगरा की सियासत गुरुवार को गर्मा गई। सांसद डिंपल यादव पर की गई टिप्पणी के विरोध में समाजवादी पार्टी ने भाजपा विधायक के आवास का घेराव करने का ऐलान किया था, लेकिन पुलिस ने सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को रास्ते में ही रोक दिया।

इस दौरान पुलिस और सपाइयों के बीच काफी देर तक तीखी नोकझोंक होती रही। हालात बिगड़ते देख वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और ज्ञापन लेकर प्रदर्शन समाप्त कराया।
पुलिस और सपाइयों में बनी धक्कामुक्की जैसी स्थिति
कमला नगर स्थित सपा नेता एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी नितिन कोहली के आवास पर दोपहर में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुटे। शहर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास, राहुल चतुर्वेदी, राजपाल यादव समेत कई नेता भाजपा विधायक के आवास की ओर कूच करने की तैयारी में थे। इससे पहले ही पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर सभी प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग लगा दी। जैसे ही कार्यकर्ताओं ने आगे बढ़ने की कोशिश की, पुलिस ने उन्हें रोक दिया। करीब एक घंटे तक दोनों पक्ष आमनेसामने रहे और धक्कामुक्की जैसी स्थिति भी बनी।
स्थिति तनावपूर्ण होती देख एडीसीपी हिमांशु गौरव मौके पर पहुंचे। उन्होंने सपा नेताओं से वार्ता की और उनकी तहरीर एवं ज्ञापन मौके पर ही स्वीकार किया। अधिकारियों की ओर से उचित कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद सपा नेताओं ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
क्या है पूरा मामला?
विवाद की शुरुआत 19 जुलाई को हुई थी, जब आगरा उत्तर से भाजपा विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने अपने फेसबुक अकाउंट पर सांसद डिंपल यादव के एक इंटरव्यू का वीडियो साझा किया। इसके साथ उन्होंने लिखा कि “ससुर ने कारसेवकों पर गोलियां चलवाईं, अब बहू राम मंदिर पर बुलडोजर चलवाने की बात कर रही है। राम विरोधी समाजवादी पार्टी को उत्तर प्रदेश और देश की जनता करारा जवाब देगी।”
इस पोस्ट को लेकर ने कड़ा विरोध जताया। 20 जुलाई को सपा नेता नितिन कोहली ने प्रेस वार्ता कर विधायक से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की थी। उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि माफी नहीं मांगी गई तो भाजपा विधायक के आवास का घेराव किया जाएगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की जाएगी।
सपा का आरोप, भाजपा पर साधा निशाना
सपा नेताओं का आरोप है कि ने सांसद डिंपल यादव के खिलाफ भ्रामक और आपत्तिजनक टिप्पणी कर उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास किया है। उनका कहना है कि भाजपा राजनीतिक लाभ के लिए इस तरह की बयानबाजी कर रही है और समाजवादी पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से इसका विरोध कर रही है।
पुलिस प्रशासन रहा अलर्ट
संभावित प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन पहले से सतर्क था। कमला नगर क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और विधायक के आवास की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानूनव्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए थे और पूरे घटनाक्रम के दौरान स्थिति नियंत्रण में रही।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर आगरा की सियासत में गर्मी ला दी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि यह विवाद केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रहता है या आने वाले दिनों में और अधिक तूल पकड़ता है।



