
रोहतक: हरियाणा के कुख्यात गैंगस्टर हिमांशु भाऊ की कहानी कम उम्र में शुरू हुए विवाद से लेकर विदेश में गिरफ्तारी तक पहुंच गई। रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 17 साल की उम्र में उसे बाल सुधार गृह भेजा गया था, जहां से वह फरार हो गया। इसके बाद उसका नाम कई गंभीर आपराधिक मामलों में सामने आया। अब अमेरिका के लास वेगास में उसकी गिरफ्तारी की खबर से वह एक बार फिर चर्चा में है।
किशोरावस्था में शुरू हुआ आपराधिक घटनाओं से जुड़ाव
रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2019 में रोहतक के रिटौली गांव में विवाद और गोली चलने की घटना के बाद हिमांशु भाऊ का नाम पुलिस के रिकॉर्ड में आया। उस समय उसकी उम्र करीब 17 वर्ष बताई गई थी। गिरफ्तारी के बाद उसे हिसार के बाल सुधार गृह भेजा गया, लेकिन कुछ समय बाद उसके वहां से फरार होने की बात सामने आई।
इसके बाद उसके खिलाफ अलग-अलग आपराधिक मामलों में जांच और कार्रवाई का सिलसिला आगे बढ़ता गया। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, उसका नाम हत्या, लूट, धोखाधड़ी और रंगदारी जैसे मामलों में दर्ज हुआ।
पांच दिन के भीतर तीन हत्याओं से बढ़ा तनाव
मार्च 2022 में रोहतक क्षेत्र में पांच दिनों के भीतर तीन हत्याओं की घटनाओं ने इलाके में तनाव बढ़ा दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, 2 मार्च को रोहित उर्फ बजरंग की हत्या हुई। इसी घटनाक्रम के दौरान राजेंद्र उर्फ माडू की भी हत्या की बात सामने आई। इसके बाद 7 मार्च को बस स्टैंड पर हंसराज उर्फ हंसे की हत्या कर दी गई।
इन घटनाओं को आपसी रंजिश और गुटों के बीच विवाद से जोड़कर देखा गया। हालांकि, प्रत्येक मामले में आरोपों और संबंधित लोगों की भूमिका का निर्धारण जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होता है।
जाली पासपोर्ट से विदेश जाने का आरोप
हिमांशु भाऊ पर वर्ष 2022 में कथित तौर पर जाली पासपोर्ट का इस्तेमाल करके भारत से बाहर जाने का आरोप लगा। रिपोर्ट के अनुसार, वह पहले पुर्तगाल और फिर अमेरिका पहुंचा। विदेश में होने के बावजूद भारतीय एजेंसियां उसकी तलाश करती रहीं।
वर्ष 2023 में उसके खिलाफ इंटरपोल रेड नोटिस जारी किए जाने की जानकारी भी सामने आई। हरियाणा और दिल्ली पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित किया था।
तीन जिलों में दर्ज बताए गए 18 मामले
उपलब्ध पुलिस रिकॉर्ड का हवाला देते हुए रिपोर्ट में बताया गया है कि हिमांशु भाऊ के खिलाफ कुल 18 मामले दर्ज थे। इनमें रोहतक के 10, झज्जर के सात और उत्तरी दिल्ली का एक मामला शामिल बताया गया है। उसका नाम कुछ अन्य आपराधिक गिरोहों से भी जोड़ा गया।
ध्यान देने वाली बात यह है कि किसी व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज होना अपने आप में आरोप साबित होने के बराबर नहीं है। हर मामले में आरोपों का फैसला संबंधित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होता है।
लास वेगास में गिरफ्तारी के बाद आगे क्या?
रिपोर्ट के मुताबिक, हरियाणा एसटीएफ की ओर से अमेरिकी एजेंसियों के साथ जानकारी साझा की गई थी। इसके बाद अमेरिकी एजेंसी आईसीई की संबंधित इकाई की मदद से हिमांशु भाऊ को लास वेगास में गिरफ्तार किया गया। इसी कार्रवाई में नीरज फरीदपुरिया की गिरफ्तारी की खबर भी सामने आई।
अब भारत लाने की प्रक्रिया और पुराने मामलों की जांच आगे बढ़ने से जुड़े सवाल अहम हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भारत वापसी की तारीख तय नहीं थी।
सत्या रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट और पुलिस रिकॉर्ड के हवाले से दी गई जानकारी पर आधारित है। गिरफ्तारी के बाद की कानूनी प्रक्रिया और मामलों की वर्तमान स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।



