मध्यप्रदेश के खरगोन अंतर्गत भगवानपुरा थाना क्षेत्र में एक 17 वर्षीय नाबालिग किशोरी के अपहरण और जबरन धर्म परिवर्तन का गंभीर मामला प्रकाश में आया है. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी शेख सलमान (29 वर्ष) को महाराष्ट्र के औरंगाबाद से गिरफ्तार कर लिया है

सांकेतिक तस्वीर (AI Generated)
मध्यप्रदेश के खरगोन जिले में लव जिहाद और अपहरण का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है. महाराष्ट्र के रहने वाले एक मुस्लिम युवक ने भगवानपुरा थाना क्षेत्र के सिरवेल बाजार से एक 17 वर्षीय नाबालिग किशोरी का अपहरण कर लिया था. हैरानी की बात यह है कि आरोपी ने न केवल किशोरी को अगवा किया, बल्कि उसे महाराष्ट्र ले जाकर उसका जबरन धर्म परिवर्तन करवाया और उसकी पहचान मिटाने के उद्देश्य से उसका नाम भी बदल दिया. घटना बीते 6 जनवरी 2026 की है, जब पीड़िता अपने रिश्तेदार छगन कनासे के साथ कपड़े खरीदने के लिए बाजार गई थी. जब उसका रिश्तेदार नाश्ता करने के लिए थोड़ा दूर गया, तभी आरोपी शेख सलमान (29 वर्ष) ने उसे अपने जाल में फंसाया और वहां से फरार हो गया.
परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने जब जांच शुरू की, तो लोकेशन महाराष्ट्र के औरंगाबाद में मिली. पुलिस की एक विशेष टीम ने औरंगाबाद में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार किया और किशोरी को उसके चंगुल से छुड़ाया. महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले का रहने वाला आरोपी शेख सलमान ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने किशोरी का धर्म परिवर्तन करवाया था. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) और धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत मामला दर्ज किया है. वर्तमान में किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है और पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इस साजिश में सलमान के साथ और कौन-कौन शामिल था.
इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है. इसे सीधे तौर पर लव जिहाद का मामला बताते हुए हिंदू संगठनों ने आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है. पुलिस प्रशासन ने इलाके में शांति बनाए रखने की अपील की है और साफ किया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. फिलहाल आरोपी पुलिस की रिमांड पर है और उसके पिछले रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वह किसी संगठित गिरोह का हिस्सा है जो इस तरह के कृत्यों को अंजाम देता है. फिलहाल, किशोरी को उसके परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया चल रही है और उसे आवश्यक परामर्श (Counselling) भी दिया जा रहा है ताकि वह इस मानसिक आघात से बाहर निकल सके.




