
UP ATS Action: उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने बलरामपुर जिले के 29 वर्षीय शहरोज अहमद को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े कथित आतंकी नेटवर्क के संबंध में गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपी सोशल मीडिया के जरिए एक पाकिस्तानी एजेंट के संपर्क में आया और उसे राजस्थान से हथियार एवं विस्फोटक लेने का जिम्मा सौंपा गया था।
सोशल मीडिया से शुरू हुआ संपर्क
ATS के मुताबिक, बलरामपुर के गैसड़ी थाना क्षेत्र के जमधरा गांव निवासी शहरोज अहमद की अक्टूबर 2025 में फेसबुक के माध्यम से कथित ISI एजेंट जसवीर चौधरी से पहचान हुई। शुरुआती बातचीत के बाद दोनों के बीच संपर्क फेसबुक मैसेंजर, व्हाट्सएप और सिग्नल जैसे एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर जारी रहा।
जांच एजेंसियों का आरोप है कि इसी दौरान शहरोज कथित राष्ट्रविरोधी गतिविधियों से जुड़े नेटवर्क का हिस्सा बन गया।
‘शूटरों’ की तलाश वाली पोस्ट से बढ़ा संपर्क
ATS की जांच में सामने आया है कि कथित ISI एजेंट ने फेसबुक पर “हिम्मत और जिगर वाले शूटरों” की तलाश संबंधी पोस्ट साझा की थी। आरोप है कि शहरोज ने इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी, जिसके बाद दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और उसे कथित तौर पर आगे के निर्देश दिए गए।
राजस्थान से हथियार लेने का मिला था टास्क
जांच के अनुसार, शहरोज को राजस्थान के श्रीगंगानगर जाकर हथियार और विस्फोटक सामग्री लेने के लिए कहा गया था। आरोप है कि इस काम के लिए उसके बैंक खाते में 5,000 रुपये भी भेजे गए थे, ताकि वह यात्रा और अन्य तैयारियां पूरी कर सके।
ATS का दावा है कि आरोपी हाल ही में मुंबई से अपने गांव लौटा था और श्रीगंगानगर जाने की तैयारी कर चुका था। हालांकि, उसे रवाना होने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया।
इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से मिले अहम सुराग
गिरफ्तारी के बाद ATS ने आरोपी के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए। एजेंसी का कहना है कि इन डिवाइस से ऐसे डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जिनके आधार पर कथित नेटवर्क, संपर्कों और गतिविधियों की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, आरोपी निगरानी से बचने के लिए Signal जैसे एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल करता था।
अन्य युवाओं को जोड़ने की भी जांच
ATS का दावा है कि पूछताछ के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी कथित तौर पर अन्य युवाओं को भी इस नेटवर्क से जोड़ने की कोशिश कर रहा था। हालांकि, इस पहलू की जांच अभी जारी है और एजेंसियां उसके संभावित सहयोगियों एवं विदेशी संपर्कों की भी पड़ताल कर रही हैं।
मामले में आगे क्या कार्रवाई हुई?
इस मामले में लखनऊ स्थित ATS थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
फिलहाल जांच एजेंसियां बरामद डिजिटल साक्ष्यों, वित्तीय लेन-देन और आरोपी के संपर्कों की गहन जांच कर रही हैं। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
नोट: यह खबर उत्तर प्रदेश ATS द्वारा लगाए गए आरोपों और जांच एजेंसियों की ओर से सार्वजनिक की गई जानकारी पर आधारित है। मामले की जांच जारी है और आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा किया जाएगा।


