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रोज कितने कद्दू के बीज खाने चाहिए? आयुर्वेदिक एक्सपर्ट ने बताया सही तरीका और समय..

रोज कितने कद्दू के बीज खाने चाहिए? आयुर्वेदिक एक्सपर्ट ने बताया सही तरीका और समय..

पोषक तत्वों से भरपूर कद्दू के बीज (Pumpkin Seeds) सेहत के लिए फायदेमंद माने जाते हैं। इनमें प्रोटीन, हेल्दी फैट, मैग्नीशियम, जिंक और एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। लेकिन गर्मियों में अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है कि क्या इस मौसम में कद्दू के बीज खाना सही है? कुछ लोग इनकी ‘तासीर गर्म’ मानकर गर्मियों में इनका सेवन कम कर देते हैं।

आयुर्वेदिक और यूनानी चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. सलीम जैदी के मुताबिक, गर्मियों में भी कद्दू के बीजों का सेवन किया जा सकता है, बशर्ते इन्हें उचित मात्रा में लिया जाए। इन्हें कुछ समय के लिए भिगोकर खाने का विकल्प भी अपनाया जा सकता है। कद्दू के बीजों में मौजूद मैग्नीशियम शरीर के सामान्य कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जबकि जिंक इम्यूनिटी मजबूत करने और सामान्य कामकाज के लिए जरूरी पोषक तत्व है। इनमें मौजूद हेल्दी फैट और एंटीऑक्सीडेंट्स भी संतुलित आहार का हिस्सा हो सकते हैं। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि कद्दू के बीज का सेवन गर्मी में करने से सेहत को कौन-कौन से फायदे हो सकते हैं।

दिल की सेहत के लिए फायदेमंद

कद्दू के बीजों में मैग्नीशियम, पॉलीअनसैचुरेटेड फैट और एंटीऑक्सीडेंट यौगिक पाए जाते हैं, जो संतुलित डाइट का हिस्सा हो सकते हैं। मैग्नीशियम ब्लड प्रेशर को नॉर्मल रखने में भूमिका निभाता है। इनमें मौजूद हेल्दी फैट भी दिल की सेहत के लिए बेहतर माना जाता हैं। हालांकि, कद्दू के बीज सीधे तौर पर ब्लड प्रेशर या LDL कोलेस्ट्रॉल कम करने की दवा नहीं हैं।

प्रोटीन से भरपूर

कद्दू के बीजों में अच्छी मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है, जो शरीर में मांसपेशियों के निर्माण और उनके रखरखाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इनमें मौजूद प्रोटीन और फैट पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर सकते हैं, जिससे बार-बार भूख लगने की संभावना कम हो सकती है।

मैग्नीशियम का अच्छा स्रोत

कद्दू के बीज मैग्नीशियम के अच्छे स्रोतों में शामिल हैं। मैग्नीशियम शरीर में मांसपेशियों और तंत्रिकाओं के सामान्य कामकाज के साथ-साथ ऊर्जा उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी पोषक तत्व है। पर्याप्त मैग्नीशियम लेना अच्छी नींद और ओवर ऑल हेल्थ को सपोर्ट कर सकता है।

बेहतर नींद और मूड में मदद

कद्दू के बीजों में ट्रिप्टोफेन नामक अमीनो एसिड पाया जाता है, जिसका इस्तेमाल शरीर कुछ जरूरी रसायनों को बनाने में करता है, जो नींद और मूड से जुड़े होते हैं। इनमें मैग्नीशियम भी होता है, जो शरीर के सामान्य तंत्रिका और मांसपेशी कार्यों में भूमिका निभाता है।

फाइबर से भरपूर

कद्दू के बीजों में डाइटरी फाइबर पाया जाता है, जो पाचन तंत्र के लिए उपयोगी है। फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर सकता है, जिससे भूख और अनावश्यक स्नैकिंग को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा पर्याप्त फाइबर का सेवन आंतों की सामान्य गतिविधियों के लिए भी महत्वपूर्ण है।

मांसपेशियों के लिए उपयोगी

कद्दू के बीजों में मौजूद मैग्नीशियम शरीर में मांसपेशियों के सामान्य संकुचन और उनके कामकाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके अलावा इनमें प्रोटीन भी पाया जाता है, जो मांसपेशियों के निर्माण और मरम्मत के लिए जरूरी है। इसलिए इन्हें संतुलित डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है।

पुरुषों की सेहत के लिए उपयोगी

कद्दू के बीज जिंक का अच्छा स्रोत हो सकते हैं और जिंक पुरुषों के सामान्य प्रजनन स्वास्थ्य के लिए जरूरी पोषक तत्व है। शरीर में जिंक की पर्याप्त मात्रा सामान्य हार्मोनल और प्रजनन कार्यों के लिए महत्वपूर्ण होती है। कुछ शोधों में कद्दू के बीजों और प्रोस्टेट स्वास्थ्य के बीच संभावित संबंधों पर अध्ययन किया गया है। रिसर्च के मुताबिक इनका सेवन करने से प्रोस्टेट की समस्या और स्पर्म क्वालिटी में सुधार हो सकता है।

वजन कंट्रोल करने में है मददगार

कद्दू के बीजों में प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट पाए जाते हैं, जो भोजन के बाद पेट भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर सकते हैं। इससे बार-बार भूख लगने और अनावश्यक स्नैकिंग को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है।

कितनी मात्रा में खाएं?

कद्दू के बीजों की मात्रा व्यक्ति की कुल डाइट और कैलोरी जरूरतों पर निर्भर करती है। आमतौर पर लगभग 30 ग्राम कद्दू के बीज एक उचित सर्विंग मानी जा सकती है। इसे करीब एक छोटी मुट्ठी के बराबर समझ सकते हैं। इनमें कैलोरी और फैट की मात्रा अधिक होती है, इसलिए जरूरत से ज्यादा खाने से अतिरिक्त कैलोरी का सेवन हो सकता है। बिना नमक वाले बीजों को प्राथमिकता देना बेहतर विकल्प हो सकता है।

कद्दू के बीज खाने का सही तरीका

कद्दू के बीजों को हल्का भूनकर स्नैक के तौर पर खाया जा सकता है। इन्हें सलाद, दलिया, ओट्स या स्मूदी में मिलाकर भी डाइट में शामिल किया जा सकता है। भिगोने से इन्हें खाना कुछ लोगों के लिए आसान हो सकता है। बाजार में मिलने वाले ज्यादा नमक या चीनी वाले फ्लेवर्ड बीजों के बजाय सादे बीज बेहतर विकल्प हैं।

किन लोगों को इसका सेवन करने से बचना चाहिए?

पाचन से जुड़ी समस्या जैसे आईबीएम (IBS) या ब्लोटिंग और गैस की समस्या वाले लोगों को इसका अत्यधिक सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे पेट दर्द या कब्ज हो सकता है।

जिन लोगों का ब्लड प्रेशर कम रहता है उन्हें भी इसका सेवन करने से परहेज करना चाहिए। कद्दू के बीजों का असर ब्लड प्रेशर को और कम कर सकता है, इसलिए हाई ब्लड प्रेशर या दिल की दवा लेने वालों को डॉक्टर की सलाह पर ही इसका सेवन करना चाहिए।

गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी डॉक्टर से पूछकर सीमित मात्रा में ही इसका सेवन करना चाहिए।

डिस्क्लेमर: कद्दू के बीज पौष्टिक आहार का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन इनके सेवन से किसी बीमारी का इलाज या बचाव साबित नहीं होता। इन्हें संतुलित मात्रा में ही लें। किसी विशेष स्वास्थ्य समस्या या एलर्जी की स्थिति में डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लें।

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