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दिवाली​​​ पर कैसे तैयार करें धन की पोटली? जानें इसमें क्या रखें, पूजा के बाद कहां रखें और पुरानी पोटली का क्या करें

दिवाली​​​ पर कैसे तैयार करें धन की पोटली? जानें इसमें क्या रखें, पूजा के बाद कहां रखें और पुरानी पोटली का क्या करें

दिवाली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा के साथ घर में सुख-समृद्धि की कामना से कई पारंपरिक रीति-रिवाज निभाए जाते हैं। इन्हीं में से एक है धन की पोटली तैयार करना। कई परिवारों में इस पोटली को पूजा में शामिल करने के बाद घर की तिजोरी या दुकान के गल्ले में रखने की परंपरा है। मान्यता है कि इससे घर में बरकत बनी रहती है।

धन की पोटली में सिक्का, सुपारी, हल्दी की गांठ, साबुत चावल, लौंग, इलायची, कौड़ी और गोमती चक्र जैसी चीजें रखी जाती हैं। लेकिन इसे तैयार करने का सही तरीका क्या है? पूजा के बाद इसे कहां रखना चाहिए और पिछले साल की पोटली का क्या करना चाहिए? आइए जानते हैं इससे जुड़ी जरूरी बातें।

धन की पोटली बनाने के लिए कौन-सी सामग्री चाहिए?

धन की पोटली तैयार करने के लिए लाल या पीले रंग का साफ कपड़ा लें। इसके अलावा आप इसमें ये चीजें रख सकते हैं:

  • एक सिक्का
  • एक सुपारी
  • हल्दी की गांठ
  • थोड़े से साबुत चावल
  • लौंग और इलायची
  • कुछ कौड़ियां
  • गोमती चक्र
  • कमलगट्टे के बीज

इन चीजों का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से पूजा-पाठ में किया जाता है। हालांकि, पोटली में सभी सामग्री रखना जरूरी नहीं है। घर में आसानी से उपलब्ध पूजा सामग्री से भी इसे तैयार किया जा सकता है। इसके लिए महंगी चीजें खरीदने की आवश्यकता नहीं है।

दिवाली पर कैसे बनाएं धन की पोटली?

धन की पोटली बनाने के लिए सबसे पहले लाल या पीले रंग का साफ कपड़ा लें। इसे किसी स्वच्छ स्थान पर बिछा दें। अब कपड़े के बीच में एक सिक्का, हल्दी की गांठ, सुपारी, थोड़े साबुत चावल, लौंग, इलायची और कौड़ियां रखें।

अगर आप चाहें तो इसमें गोमती चक्र और कमलगट्टे के बीज भी शामिल कर सकते हैं। इसके बाद कपड़े के चारों कोनों को एक साथ उठाकर पोटली का आकार दें और लाल मौली या कलावे से अच्छी तरह बांध दें।

इस तरह आपकी धन पोटली तैयार हो जाएगी। दिवाली की शाम मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा के समय इसे भी पूजा स्थल पर रखें। पूजा के दौरान घर में सुख-शांति और समृद्धि की कामना करें।

पूजा के बाद धन की पोटली कहां रखें?

धन पोटली की पूजा पूरी होने के बाद इसे घर की तिजोरी या उस अलमारी में रखा जा सकता है, जहां आप पैसे और कीमती सामान रखते हैं। दुकानदार इसे अपनी दुकान के गल्ले में भी रख सकते हैं।

पोटली को हमेशा साफ और सूखी जगह पर रखें। ऐसी जगह से बचें जहां नमी या धूल-मिट्टी के कारण उसमें रखी सामग्री खराब हो सकती है। दिवाली पर तिजोरी और अलमारी की सफाई करने के बाद ही इसे रखना बेहतर है।

पिछले साल की धन पोटली का क्या करें?

नई धन पोटली बनाते समय सबसे बड़ा सवाल पुरानी पोटली को लेकर होता है। कुछ परिवार पुरानी पोटली को लंबे समय तक संभालकर रखते हैं, जबकि कई लोग हर दिवाली इसे बदल देते हैं।

अगर आप पुरानी पोटली बदलना चाहते हैं, तो सबसे पहले उसे खोलकर उसमें रखी सामग्री अलग कर लें। सिक्का, गोमती चक्र या दूसरी ऐसी वस्तुएं जो साफ और अच्छी स्थिति में हैं, उन्हें अलग रख सकते हैं। यदि घर की परंपरा के अनुसार उचित हो, तो इन्हें दोबारा पूजा में इस्तेमाल किया जा सकता है।

पुराने चावल, खराब हल्दी और दूसरी खराब हो चुकी पूजा सामग्री को नई पोटली में न डालें। प्राकृतिक सामग्री को स्थानीय परंपरा के अनुसार मिट्टी या पेड़-पौधों में सम्मानपूर्वक रखा जा सकता है। हालांकि, प्लास्टिक, धातु या ऐसी दूसरी चीजें जिन्हें मिट्टी में डालना उचित नहीं है, उन्हें नदी या जलस्रोत में न बहाएं।

पुरानी पोटली के कपड़े को भी उसकी स्थिति के अनुसार साफ-सुथरे और सम्मानजनक तरीके से अलग कर दें।

क्या हर दिवाली नई धन पोटली बनाना जरूरी है?

कई परिवारों में हर दिवाली नई धन पोटली तैयार करने और उसकी पूजा करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, नई पोटली बनाकर मां लक्ष्मी के सामने रखने को शुभ माना जाता है। हालांकि, हर साल नई पोटली बनाना कोई अनिवार्य नियम नहीं है। यह व्यक्ति की आस्था और पारिवारिक परंपरा पर निर्भर करता है।

धन पोटली तैयार करते समय साफ-सफाई का ध्यान रखें और पूजा सामग्री को व्यवस्थित तरीके से रखें। इसे मां लक्ष्मी के प्रति श्रद्धा और घर की खुशहाली की कामना के प्रतीक के रूप में देखा जाता है।

Satya Report Disclaimer: धन की पोटली और उसमें रखी वस्तुओं से जुड़ी बातें धार्मिक आस्था और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं। धन या समृद्धि में वृद्धि होने की इनसे कोई वैज्ञानिक गारंटी नहीं है।

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