अयोध्या : अयोध्या में भव्य राम मंदिर के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद के लिए जबरदस्त होड़ देखने को मिल रही है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा जारी किए गए भर्ती नोटिफिकेशन के महज 24 घंटे के भीतर ही अधिकृत ईमेल आईडी पर आवेदनों की बाढ़ आ गई है। सूत्रों के अनुसार, मंगलवार देर रात तक एक हजार से अधिक उम्मीदवार इस अहम पद के लिए अपना दावा पेश कर चुके हैं। सीईओ पद के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 18 जुलाई की शाम चार बजे तक निर्धारित की गई है। माना जा रहा है कि 22 जुलाई को होने वाली ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक में मंदिर के पहले सीईओ के नाम पर अंतिम मुहर लग सकती है।

आवेदनों का अंबार, छंटनी के लिए रखा जाएगा विशेष सचिव
चयन समिति के सदस्यों के मुताबिक, विज्ञापन जारी होने के चंद घंटों के भीतर ही करीब 750 लोगों ने अपने आवेदन भेज दिए थे। उम्मीदवारों के इस भारी उत्साह को देखते हुए उम्मीद जताई जा रही है कि 18 जुलाई की डेडलाइन तक यह आंकड़ा कई हजारों को पार कर जाएगा। इतनी बड़ी संख्या में आ रहे आवेदनों की तय मानदंडों के आधार पर छंटनी और गहन जांचपड़ताल के लिए समिति ने एक विशेष सचिव नियुक्त करने का फैसला लिया है। ट्रस्ट से जुड़े सूत्रों का कहना है कि इस प्रतिष्ठित पद के लिए देश के कोनेकोने से सेवानिवृत्त नौकरशाहों ने भारी दिलचस्पी दिखाई है। इनमें कई ऐसे अनुभवी चेहरे शामिल हैं जिन्हें धार्मिक स्थलों की प्रबंधकीय व्यवस्थाएं संभालने का खासा अनुभव है। इसके अलावा, सेना में प्रशासनिक कमान संभाल चुके कई रिटायर्ड सैन्य अफसर भी इस पद की दौड़ में शामिल हैं।
पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर ने भी ठोकी दावेदारी
राम मंदिर के सीईओ पद की इस हाईप्रोफाइल रेस में कई चर्चित नाम भी खुलकर सामने आ रहे हैं। इनमें उत्तर प्रदेश के पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर का नाम भी प्रमुख है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से इस बात की पुष्टि की है कि उन्होंने इस अहम पद के लिए अपना आवेदन जमा कर दिया है। अमिताभ ठाकुर का कहना है कि वह ट्रस्ट द्वारा तय किए गए सभी मानदंडों पर खुद को उपयुक्त पाते हैं। हालांकि, इस पूर्व आईपीएस अधिकारी का विवादों से भी पुराना नाता रहा है। गौरतलब है कि पिछले साल ही लखनऊ पुलिस ने 1999 के देवरिया जिले के एक इंडस्ट्रियल प्लॉट से जुड़े कथित धोखाधड़ी के मामले में उन्हें गिरफ्तार किया था। अब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि रामलला के दरबार की प्रशासनिक कमान आखिरकार किस अनुभवी चेहरे को सौंपी जाती है।



