
चिकन करी को लेकर शुरू हुआ झगड़ा… कुछ ही मिनटों में उजड़ गया पूरा परिवार
तेलंगाना के कामारेड्डी जिले की एक मामूली घरेलू कहासुनी ने ऐसा खौफनाक मोड़ लिया कि दो मासूम बच्चियों के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया। शनिवार रात घर में सिर्फ एक बात को लेकर बहस शुरू हुई थी—चिकन करी क्यों नहीं बनाई गई? लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि यह विवाद कुछ ही देर में एक परिवार की खुशियां छीन लेगा।
करीब 28 वर्षीय कोडंदम शिवाजी, जो कबाड़ का काम करता था, रात करीब 9 बजे घर पहुंचा। बताया जाता है कि उसने पत्नी लक्ष्मी से चिकन करी न बनाने को लेकर नाराजगी जताई। देखते ही देखते दोनों के बीच बहस तेज हो गई। शोर सुनकर पास में रहने वाले रिश्तेदार दादाया और शारदा मौके पर पहुंचे और दोनों को समझा-बुझाकर शांत करा दिया।
कुछ समय तक सब कुछ सामान्य दिखाई दिया, लेकिन घर के अंदर तनाव खत्म नहीं हुआ। थोड़ी देर बाद पति-पत्नी के बीच फिर से कहासुनी शुरू हो गई। इस बार बात सिर्फ चिकन करी तक सीमित नहीं रही, बल्कि दूसरे घरेलू मुद्दों को लेकर भी दोनों एक-दूसरे पर आरोप लगाने लगे।
इसी दौरान गुस्से में लक्ष्मी ने घर में रखा हंसिया उठा लिया। आरोप है कि उसने शिवाजी की गर्दन पर वार कर दिया। अचानक हुए हमले से शिवाजी जमीन पर गिर पड़ा। गर्दन पर गहरी चोट लगने के साथ गिरने से उसके सिर में भी गंभीर चोट आई और अत्यधिक खून बहने के कारण उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कामारेड्डी पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में पता चला है कि गर्दन पर लगे घातक वार और अधिक रक्तस्राव के कारण शिवाजी की मौत हुई।
मृतक के बड़े भाई सूरी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि शिवाजी और लक्ष्मी की शादी करीब छह साल पहले हुई थी और उनकी दो छोटी बेटियां हैं। पिछले छह महीनों से दोनों अपने रिश्तेदार दादाया के किराए के मकान में रह रहे थे। परिवार का कहना है कि पति-पत्नी के बीच अक्सर घरेलू विवाद होते रहते थे और कई बार रिश्तेदारों को बीच-बचाव करना पड़ता था।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर लक्ष्मी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पोस्टमार्टम के बाद शिवाजी का शव परिजनों को सौंप दिया गया, जबकि आरोपी महिला को अदालत में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
एक छोटी-सी बहस ने देखते ही देखते पूरे परिवार की दुनिया बदल दी। अब दो मासूम बच्चियां अपने पिता के बिना रह गई हैं और एक घरेलू विवाद ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है।


