
दिल्ली: कभी-कभी किसी अजनबी का छोटा-सा अच्छा काम भी दिल पर ऐसी छाप छोड़ जाता है, जिसे इंसान लंबे समय तक नहीं भूल पाता। ऐसा ही एक मामला विदेशी महिला तारा इंग्राम से जुड़ा है, जो करीब एक साल पहले दिल्ली में मिले एक ऑटो चालक को दोबारा तलाश रही हैं। उस ड्राइवर ने अपनी सवारी से किराया लेने से इनकार कर दिया था। उसकी सहज प्रतिक्रिया, “चिंता मत करो”, महिला के मन में आज भी बसी हुई है।
तारा इंग्राम ने सोशल मीडिया पर अपनी उस मुलाकात से जुड़ी पोस्ट साझा करते हुए लोगों से ऑटो चालक को खोजने में मदद मांगी है। बताया गया है कि यह घटना पहली बार मई 2025 में चर्चा में आई थी। सितंबर 2026 में महिला ने दोबारा इसे साझा कर ड्राइवर का पता लगाने की अपील की।
किराया लेने से मना कर दिया था ऑटो चालक ने
तारा इंग्राम के मुताबिक, दिल्ली में ऑटो से सफर के दौरान चालक ने उनसे किराया लेने से इनकार कर दिया था। महिला ने जब उससे दोबारा पूछा कि क्या वह सच में पैसे नहीं लेना चाहता, तो उसने सहजता से जवाब दिया, “चिंता मत करो।”
ऑटो चालक के इस व्यवहार से महिला काफी प्रभावित हुईं। वह उसके प्रति आभार जताना चाहती थीं, इसलिए उन्होंने पास मौजूद एक व्यक्ति से अपनी बात समझाने में मदद मांगी। इसके बाद उन्होंने चालक को 2,000 रुपये देने का फैसला किया, ताकि उसकी मदद कर सकें और उसकी दयालुता के बदले कुछ अच्छा कर सकें।
बताया गया कि चालक ने पैसे स्वीकार करते हुए महिला को कई बार धन्यवाद कहा। महिला के लिए यह मुलाकात सिर्फ एक छोटी-सी यात्रा नहीं रही, बल्कि इंसानियत और मददगार स्वभाव की याद बन गई।
ड्राइवर के परिवार के बारे में भी पूछा
बातचीत के दौरान तारा इंग्राम ने ऑटो चालक से उसके परिवार के बारे में भी जानकारी ली। उन्हें पता चला कि उसके चार बच्चे हैं, जिनमें एक बेटा और तीन बेटियां शामिल हैं। महिला ने उससे यह भी पूछा कि क्या दी गई रकम उसके लिए मददगार होगी।
इसके बाद उन्होंने ऑटो चालक और उसके परिवार के अच्छे भविष्य की कामना की। एक अनजान यात्री और स्थानीय ड्राइवर के बीच हुई यह छोटी-सी मुलाकात महिला के मन में गहरी छाप छोड़ गई।
एक साल बाद फिर क्यों तलाश रही हैं महिला?
तारा इंग्राम का कहना है कि वह उस ऑटो चालक को अब तक नहीं भूली हैं। उन्हें आज भी यह जानने की इच्छा है कि वह कहां है और अब कैसा है। इसी वजह से उन्होंने सोशल मीडिया पर लोगों से उसे खोजने में मदद करने की अपील की है।
महिला चाहती हैं कि अगर कोई उस ड्राइवर को पहचानता है या उसके बारे में जानकारी रखता है, तो वह उनकी पोस्ट साझा करे या उनसे संपर्क करने में मदद करे। हालांकि, ऑटो चालक की पहचान और उसके वर्तमान ठिकाने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
यह घटना याद दिलाती है कि किसी अनजान व्यक्ति की छोटी-सी मदद भी लंबे समय तक किसी के दिल में जगह बना सकती है। कई बार दयालुता का असर उस पल से कहीं आगे तक जाता है, जब वह दिखाई जाती है।
सत्या रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध सोशल मीडिया पोस्ट और रिपोर्टों पर आधारित है। घटना से जुड़े सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।



