
बारिश के मौसम में घर की लकड़ी वाली खिड़कियों और दरवाजों का फूल जाना एक आम समस्या है। लगातार नमी के संपर्क में रहने से लकड़ी पानी सोख लेती है और उसका आकार थोड़ा बढ़ सकता है। इसके बाद दरवाजा या खिड़की फ्रेम में फंसने लगती है और उसे खोलने या बंद करने में परेशानी होती है।
अगर समस्या ज्यादा गंभीर नहीं है, तो कुछ आसान तरीकों से इसे घर पर ही ठीक करने की कोशिश की जा सकती है।
सबसे पहले लकड़ी को अच्छी तरह सूखने दें
बारिश के बाद अगर दरवाजा या खिड़की अटकने लगे, तो सबसे पहले उसे सूखने का मौका दें। कमरे में हवा का रास्ता बनाएं और बारिश रुकने के बाद कुछ समय के लिए खिड़कियां खोल दें।
जरूरत पड़ने पर पंखा चलाकर हवा का प्रवाह बढ़ाया जा सकता है। कमरे में नमी ज्यादा रहने पर लकड़ी दोबारा फूल सकती है, इसलिए केवल दरवाजे को सुखाना ही नहीं बल्कि आसपास की नमी कम करना भी जरूरी है।
जिस हिस्से पर रगड़ लग रही है, उसे पहचानें
अगर लकड़ी सूखने के बाद भी दरवाजा किसी खास जगह पर अटक रहा है, तो ध्यान से देखें कि वह फ्रेम के किस हिस्से से रगड़ खा रहा है।
इसके बाद बारीक सैंडपेपर से उस हिस्से को बहुत हल्के हाथ से घिसा जा सकता है। एक बार में ज्यादा लकड़ी हटाने की जरूरत नहीं होती। थोड़ा घिसने के बाद दरवाजा बंद करके जांचें। अगर अभी भी अटक रहा है, तो जरूरत के अनुसार दोबारा हल्की सैंडिंग की जा सकती है।
खिड़की के मामले में भी यही तरीका अपनाया जा सकता है, लेकिन उसे खोलने के लिए जबरदस्ती न करें। ज्यादा जोर लगाने से फ्रेम या कांच को नुकसान पहुंच सकता है।
लकड़ी सूखने के बाद करें बचाव
दरवाजा या खिड़की ठीक होने के बाद भविष्य में नमी से बचाव करना भी जरूरी है। लकड़ी पूरी तरह सूख जाने के बाद उसके किनारों और प्रभावित हिस्सों पर उपयुक्त प्राइमर, पेंट या वुड सीलेंट लगाया जा सकता है।
दरवाजे के निचले हिस्से पर खास ध्यान



