
शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने पर कुछ लोगों में जोड़ों में तेज दर्द, सूजन और गर्माहट जैसी समस्या हो सकती है। लंबे समय तक यूरिक एसिड बढ़ा रहने पर गाउट (Gout) का जोखिम बढ़ सकता है और कुछ मामलों में किडनी स्टोन जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। खान-पान में बदलाव हाई यूरिक एसिड और गाउट को मैनेज करने में मदद कर सकते हैं। डॉक्टर खासतौर पर प्यूरीन से भरपूर कुछ खाद्य पदार्थों और शराब का सेवन सीमित करने की सलाह देते हैं। दिल्ली के फोर्टिस एस्कॉर्ट्स अस्पताल के ऑर्थोपेडिक डायरेक्टर डॉ. कौशल कांत मिश्रा के अनुसार, डाइट में कुछ खास चीजों का ज्यादा सेवन करने से यूरिक एसिड तेजी से बढ़ता है। डाइट में प्यूरीन से भरपूर फूड्स, रेड मीट और शराब का सेवन तेजी से यूरिक एसिड को बढ़ा सकता है।
सिर्फ कुछ खाद्य पदार्थों से परहेज करना ही पर्याप्त नहीं है। संतुलित आहार, पर्याप्त पानी पीना, स्वस्थ वजन बनाए रखना और डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं का सही तरीके से सेवन भी महत्वपूर्ण है। वहीं, कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ भी हैं जिन्हें संतुलित मात्रा में डाइट में शामिल किया जा सकता है और जो यूरिक एसिड को मैनेज करने में मदद कर सकते हैं। आइए जानते हैं, ऐसे कौन-कौन से फूड हैं और उनके बारे में रिसर्च क्या कहती है।
रेड मीट से रहें सावधान
रेड मीट जैसे बीफ, मटन और पोर्क में प्यूरीन की मात्रा अपेक्षाकृत अधिक होती है। शरीर प्यूरीन को तोड़ता है, जिससे यूरिक एसिड बनता है। इसलिए ज्यादा मात्रा में रेड मीट खाने से शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ सकता है और गाउट का जोखिम भी बढ़ सकता है। शोध में भी ज्यादा मीट के सेवन और ब्लड में यूरिक एसिड के अधिक स्तर के बीच संबंध पाया गया है।
शराब से भी बढ़ सकता है गाउट का जोखिम
शराब का सेवन भी यूरिक एसिड और गाउट के जोखिम को प्रभावित कर सकता है। खासकर बीयर में अल्कोहल के साथ प्यूरीन की मात्रा भी हो सकती है। इसके अलावा शराब शरीर में यूरिक एसिड के मेटाबॉलिज्म और किडनी के जरिए इसके उत्सर्जन को प्रभावित कर सकती है। इससे रक्त में यूरिक एसिड बढ़ने और गाउट का अटैक होने का जोखिम बढ़ सकता है। इसलिए हाई यूरिक एसिड या गाउट वाले लोगों को शराब से परहेज या इसके सेवन को लेकर डॉक्टर की सलाह लेना उचित है।
कुछ फूड्स जो यूरिक एसिड कंट्रोल करने में करते हैं मदद
चेरी खाएं
चेरी में एंथोसायनिन जैसे एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर में सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं। नियमित रूप से चेरी का सेवन यूरिक एसिड के स्तर को मैनेज करने और गाउट के अटैक के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है। इसे सीधे फल के तौर पर या बिना चीनी वाले चेरी जूस के रूप में खाया जा सकता है। Boston University द्वारा 633 गाउट के मरीजों पर की गई एक रिसर्च के मुताबिक दो दिनों तक चेरी का सेवन करने वाले लोगों में गाउट अटैक (Gout Attacks) का जोखिम 35% तक कम हो पाया गया। जब चेरी के सेवन को गाउट की दवा (Allopurinol) के साथ मिलाया गया, तो जोखिम 75% तक घट गया।
लो-फैट डेयरी प्रोडक्ट्स
लो-फैट दूध, दही और छाछ जैसे डेयरी प्रोडक्ट्स यूरिक एसिड को मैनेज करने वाली डाइट का हिस्सा हो सकते हैं। इनमें मौजूद प्रोटीन यूरिक एसिड के स्तर को कम करने और पेशाब के जरिए इसे बाहर निकालने में मदद कर सकता है। हाई यूरिक एसिड वाले लोगों के लिए फुल-फैट की जगह लो-फैट विकल्प चुनना बेहतर माना जाता है। The New England Journal of Medicine (NEJM) में प्रकाशित एक लैंडमार्क 12-वर्षीय स्टडी के अनुसार, जो पुरुष डेली डाइट में लो-फैट दूध या दही शामिल करते हैं, उनमें गाउट होने का खतरा करीब 40-50% तक कम देखा गया।
खट्टे फल खाएं
संतरा, नींबू और अंगूर जैसे खट्टे फलों में विटामिन C पाया जाता है। विटामिन C यूरिक एसिड को शरीर से बाहर निकालने में मदद कर सकता है। इसलिए डाइट में संतरा, नींबू, आंवला और अमरूद जैसे विटामिन C से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल किए जा सकते हैं। Archives of Internal Medicine में प्रकाशित 46,000 से अधिक पुरुषों पर किए गए एक बड़े अध्ययन में देखा गया कि डेली डाइट में विटामिन C की अधिक मात्रा लेने वाले पुरुषों में गाउट का जोखिम 45% तक कम हुआ।
हरी पत्तेदार सब्जियां भी हैं जरूरी
पालक और केल जैसी हरी पत्तेदार सब्जियां पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं और इनमें प्यूरीन की मात्रा अपेक्षाकृत कम होती है। इसलिए संतुलित मात्रा में इन्हें डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है। Asia Pacific Journal of Clinical Nutrition और विभिन्न पोषण शोधों में पाया गया कि सब्जियों से मिलने वाला प्यूरीन (Plant-based Purines), मांस या सी-फूड से मिलने वाले प्यूरीन की तरह शरीर में यूरिक एसिड के स्तर को नहीं बढ़ाता।
ग्रीन टी पिएं
Journal of Advanced Pharmaceutical Technology & Research के अध्ययनों में ग्रीन टी के एक्टिव कम्पाउंड्स पर रिसर्च की गई, जिससे यह सामने आया कि इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करते हैं। ग्रीन टी में कैटेचिन नामक एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। ये शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं। बिना ज्यादा चीनी वाली ग्रीन टी को संतुलित डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है।
तरबूज
तरबूज में पानी की मात्रा काफी ज्यादा होती है और इसमें प्यूरीन की मात्रा कम होती है। पर्याप्त हाइड्रेशन किडनी को यूरिक एसिड को पेशाब के जरिए बाहर निकालने में मदद करता है। इसलिए मौसम के अनुसार तरबूज जैसे पानी से भरपूर फल को डाइट में शामिल करना फायदेमंद हो सकता है।
साबुत अनाज
ओट्स, ब्राउन राइस और क्विनोआ जैसे साबुत अनाज फाइबर के अच्छे स्रोत हैं। इनमें मौजूद फाइबर पाचन और मेटाबॉलिक हेल्थ को सपोर्ट करता है और यूरिक एसिड को मैनेज करने वाली संतुलित डाइट का हिस्सा हो सकता है। American Journal of Clinical Nutrition के अध्ययनों के अनुसार, हाई-फाइबर डाइट इंसुलिन सेंसिटिविटी को सुधारती है, जो सीधे तौर पर यूरिक एसिड के स्तर को कम रखने में मदद करती है।
डिस्क्लेमर अनिवार्य: यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से तैयार की गई है। यह किसी भी तरह से डॉक्टरी इलाज या सलाह का विकल्प नहीं है। अपनी डाइट में कोई भी बड़ा बदलाव करने से पहले डॉक्टर या योग्य डाइटिशियन से परामर्श अवश्य लें।”



