हमारे हाथ की ये जो लकीरें हैं ना, ये सिर्फ दिखने के लिए नहीं हैं. सामुद्रिक शास्त्र और हस्तरेखा विज्ञान की मानें, तो ये लकीरें हमारे स्वभाव और हमारी जिंदगी से जुड़े कई बड़े राज खोलती हैं. हमारे पुराने ग्रंथों में शरीर के अंगों और हाथों की लकीरों को समझने की इसी कला को सामुद्रिक शास्त्र का नाम दिया गया है.

अक्सर लोग सोचते हैं कि हाथ की लकीरें सिर्फ यह बताती हैं कि आगे क्या होने वाला है. लेकिन पुरानी मान्यताओं की मानें, तो ये लकीरें यह भी इशारा कर देती हैं कि आप जिंदगी में कितना पैसा कमाएंगे और आपको विदेश घूमने का मौका मिलेगा या नहीं.
तो चलिए, आज बिल्कुल आसान तरीके से जानते हैं कि हाथ के वो कौन से निशान हैं, जिन्हें बहुत लकी माना जाता है और जो सुखसमृद्धि का इशारा देते हैं.
जब भाग्य रेखा से बने विदेश यात्रा का योग
सामुद्रिक शास्त्र कहता है कि आपकी हथेली में जो भाग्य रेखा होती है, वही बताती है कि पैसे के मामले में आपकी गाड़ी कैसी चलेगी. अगर आपके हाथ में यह रेखा कलाई से शुरू होकर बिना कहीं से कटेफटे सीधे बीच वाली उंगली के नीचे तक चली जाए, तो इसे बहुत ही बढ़िया माना जाता है.
इसके साथ ही, अगर इस मुख्य लकीर से कोई छोटी सी टहनी जैसी रेखा निकलकर हथेली के निचले बाहरी हिस्से की तरफ चली जाए, तो माना जाता है कि ऐसा इंसान अपनी जिंदगी में लंबी यात्राएं करेगा या उसे विदेश जाने का मौका जरूर मिलेगा.
धन रेखा और बुध पर्वत की स्थिति
हमारे हाथ में एक और लकीर होती है, जिसे सब लोग धन रेखा यानी पैसे की लकीर कहते हैं. यह रेखा सबसे छोटी उंगली के ठीक नीचे यानी बुध पर्वत वाले हिस्से पर होती है.
जानकारों का कहना है कि अगर किसी के हाथ में यह लकीर बिल्कुल साफसाफ दिख रही हो और इस पर कोई कट का निशान न हो, तो समझ लीजिए कि ऐसे इंसान के पास पैसे की तंगी नहीं होगी.
मान्यता है कि ऐसे लोग जो भी कामधंधा या बिजनेस शुरू करते हैं, उसमें उन्हें अच्छी सफलता मिलती है. वे पैसों का हिसाबकिताब रखने में बहुत पक्के होते हैं और अपनी सूझबूझ से तरक्की करते हैं.
हृदय रेखा पर V का निशान और उसका महत्व
हाथ की लकीरों में कुछ खास तरह के निशान भी बनते हैं, जैसे अंग्रेजी का V अक्षर. जब आपकी दिल की रेखा के आखिरी छोर पर, यानी जो हिस्सा पहली और दूसरी उंगली के बीच में आता है, वहां V का आकार बनता है, तो इसे बहुत शुभ माना जाता है.
पुरानी मान्यताओं के अनुसार, जिन लोगों के हाथ में यह निशान होता है, उन्हें जिंदगी के शुरुआती दिनों में काफी मेहनत और संघर्ष करना पड़ता है. लेकिन जैसे ही वे 30 से 35 साल की उम्र पार करते हैं, उनकी मेहनत रंग लाती है और वे समाज में एक बड़ा मुकाम और अच्छी कामयाबी हासिल कर लेते हैं.
जीवन रेखा से उठने वाली तरक्की की लकीरें
हमारी जीवन रेखा सिर्फ यह नहीं बताती कि उम्र कितनी है, बल्कि ये भी बताती है कि आप कितने आगे बढ़ेंगे. अगर आपकी जीवन रेखा से कुछ छोटीछोटी बारीक लकीरें निकलकर ऊपर उंगलियों की तरफ जाती हुई दिखें, तो इन्हें तरक्की की लकीरें कहा जाता है.
ऐसा माना जाता है कि उम्र के जिस भी पड़ाव पर ये लकीरें ऊपर की तरफ उठती हैं, उस समय इंसान को अपने करियर या काम में कोई बहुत बड़ी सफलता मिलती है या कहीं से अचानक धन लाभ हो जाता है.
काम की बातें: हाथ की लकीरों और कर्म से जुड़े कुछ जरूरी नियम
मेहनत के बिना सब बेकार है: हस्तरेखा विज्ञान में एक बात बिल्कुल साफ कही गई है कि सिर्फ हाथ में लकीरें होने से कुछ नहीं होता. जिंदगी में असली सफलता, पैसा और नाम कमाने के लिए आपको खुद कड़ी मेहनत करनी होगी, नया हुनर सीखना होगा और समझदारी से काम करना होगा. अगर आप मेहनत नहीं करेंगे, तो अच्छी लकीरें भी किसी काम की नहीं रहेंगी.
काम करने वाले हाथ को देखें: जब भी हाथ देखना हो, तो हमेशा उस हाथ को पहले देखना चाहिए जिससे आप अपने सारे काम करते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि हमारे विचार और हमारे कर्म उसी हाथ की रेखाओं को बदलते हैं.
लकीरें बदलती रहती हैं: हमारे हाथ की ये छोटीछोटी लकीरें और निशान हमेशा एक जैसे नहीं रहते. आप जैसा सोचते हैं, जैसी आपकी आदतें होती हैं और जैसे आप कर्म करते हैं, उसी हिसाब से ये लकीरें भी समय के साथ बदलती रहती हैं.



