
आज के समय में दुनियाभर में किडनी के मरीज दिनों-दिन बढ़ते जा रहे है। वह मेडिकल साइंस की बात करें तो इसे क्रॉनिक कि़डनी डिजीज कहते है। इस बीमारी को लेकर जागरुकता फैलाने के लिए 8 मार्च को पुरी दुनिया में वर्ल्ड किडनी डे मनाया जाता है। आज किडनी दिवस में जानिए ऐसे संकेतो के बारें में जिससे आप खुद को फिट रख सके।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के मुताबिक, 13 प्रतिशत पुरुषों और सात प्रतिशत महिलाओं में गुर्दे की पथरी की समस्या पाई जाती है। आईएमए के अनुसार, पूरे दिन में तरल पदार्थो का सेवन बढ़ाने से गुर्दे की पथरी के बार-बार होने का जोखिम आधा रह जाता है और इसका कोई दुष्प्रभाव भी नहीं होता।
गलत खान-पान व जरुरत से कम पानी पीना किडनी की पथरी का अहम कारण है। शरीर में पानी की कमी किडनी की पथरी का मुख्य कारण है। यूरिक एसिड (मूत्र का एक घटक) पतला करने के लिए पर्याप्त पानी चाहिए होता है और ऐसा न होने पर मूत्र अधिक अम्लीय बन जाता है। यह अम्लीय किडनी की पथरी बनने का कारण होता है। किडनी की पथरी गोल्फ की एक गेंद के रूप में बड़ी हो सकती है। यह एक क्रिस्टल जैसी संरचना होती है। जिसमें असहनीय दर्द होता है।
अगर आप किडनी के स्टोन से बचना चाहते है, तो इन संकेतो को ध्यान रखें। जिससे आप इसकी पहचान कर जल्द ही डॉक्टर से संपर्क करें। जानिए इन संकेतों के बारे में।
किडनी की पथरी से पीठ या पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द हो सकता है, जो कुछ मिनटो या घंटो तक बना रह सकता है। इसमें दर्द के साथ जी मिचलाने तथा उल्टी की शिकायत भी हो सकती है। यदि मूत्र संबंधी प्रणाली के किसी भाग में संक्रमण है तो इसके लक्षणों में बुखार, कंपकंपी, पसीना आना, पेशाब आने के साथ-साथ दर्द होना आदि भी शामिल हो सकते हैं मूत्र में रक्त भी आ सकता है।
जो लोग इस समस्या से ग्रसित होते है। इन लोगों को यूरीन अक्सर गुलाबी, लाल या भूरे रंग का आने लगता है। जो कि आगे चलकर स्टोन बढ़ जाता है। जिसके कारण मूत्रमार्ग ब्लॉक हो जाता है, जिसके कारण यूरिन जाते समय खून के टिग्नेस आ सकते हैं।
हमेशा फीवर बना रहना –
किडनी स्टोन होने पर अक्सर तेज बुखार और ठंड लगने की समस्या बनी रहती है। इसका कारण मूत्र पथ के संक्रमण (या यूटीआई) की संभावना बढ़ जाती है। अगर ऐसा होतो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
अगर आपको यूरिन करते समय तेज दर्द हो, तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। यह किडनी में स्टोन होने का एक लक्षण है। ऐसा तब होता है जब किडनी स्टोन मूत्रमार्ग से मूत्राशय में चले जाते है। ये बेहद दर्दनाक होता है और यह अक्सर मूत्र पथ के संक्रमण (यूरिनरी ट्रेक्ट इंफैक्शन) का कारण भी बनता है।
अगक आपके पीठ में अक्सर दर्द बना रहता है। यानी कि निचले हिस्से में इसके साथ ही जांध के बीच वाले भाग में दर्द रहता है। जिसमें थोड़ा आराम मिलने के बाद फिर दर्द होने लगता है, तो यह किडनी में स्टोन होने का एक कारण है।
उल्टी –
अगर आपको हमेशा पेट में गड़बड़ी, उल्टी या मिचली आती है, तो स्टोन होने का संकेत हो सकता है। उल्टियां दो कारण के कारण आ सकती है। पहला स्टोन के स्थानांतरण के कारण तथा दूसरा किडनी शरीर के भीतर की गंदगी यानी कि टॉक्सिक को बाहर करने में मदद करते हैं और जब स्टोन के कारण अवरुद्ध हो जाते हैं तो इन टॉक्सिकों को शरीर से बाहर निकालने के लिए उल्टी ही एकमात्र रास्ता बचता है।
अगर आपके किडनी में स्टोन है, तो यूरिन का रंग बदलने के साथ-साथ उससे बदबू भी आती है। इसका कारण शरीर में मौजूद हाई केमिकल्स है। जो कि स्टोन बनाने का कारण बनते है।
डिसक्लेमर : Satyareport.com में दी गई जानकारी पाठकों के ज्ञानवर्धन के लिए है। अतः हम आप से निवेदन करते हैं की किसी भी उपाय का प्रयोग करने से पहले अपने चिकित्सक से सलह लें। हमारा उद्देश्य आपको जागरूक करना है। आपका डाॅक्टर ही आपकी सेहत बेहतर जानता है इसलिए उसका कोई विकल्प नहीं है।



