
नई दिल्ली: मकान अचानक गिरने की घटनाएं बेहद खतरनाक होती हैं, लेकिन कई मामलों में इमारत ढहने से पहले उसके ढांचे में कुछ बदलाव नजर आने लगते हैं। दरवाजों का अचानक फंसना, फर्श का झुकना, बीम-पिलर में गंभीर दरारें, सरिया का बाहर दिखाई देना और लंबे समय तक बनी सीलन जैसे संकेतों को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।
जरूरी नहीं कि केवल बहुत पुराने मकान ही कमजोर हों। निर्माण की खराब गुणवत्ता, नींव की समस्या, पानी का लगातार रिसाव, जमीन का धंसना या इमारत के ढांचे में बिना विशेषज्ञ सलाह के बदलाव भी भवन की मजबूती को प्रभावित कर सकते हैं।
दरवाजे और खिड़कियां अचानक फंसने लगें
अगर पहले आसानी से खुलने-बंद होने वाले दरवाजे अचानक चौखट में फंसने लगें या खिड़कियों के फ्रेम टेढ़े नजर आने लगें, तो इस बदलाव पर ध्यान देना चाहिए। हालांकि मौसम की नमी या लकड़ी के फूलने से भी ऐसी समस्या हो सकती है, लेकिन अगर इसके साथ दीवारों या फर्श में नई दरारें भी दिखाई दे रही हैं, तो भवन की तकनीकी जांच कराना जरूरी है।
फर्श में झुकाव या टाइलों में बदलाव
घर का फर्श अचानक एक तरफ झुका हुआ महसूस हो या टाइलें टूटकर ऊपर उठने लगें, तो इसे सामान्य समस्या मानकर छोड़ना ठीक नहीं है। खासकर अगर इसके साथ दीवारों में तिरछी दरारें या दरवाजों के फ्रेम में बदलाव भी दिखाई दे रहा हो, तो नींव और जमीन की स्थिति की जांच जरूरी हो सकती है।
बीम-पिलर में गहरी दरार और सरिया दिखना
बीम और पिलर इमारत के महत्वपूर्ण संरचनात्मक हिस्से होते हैं। इनमें गहरी या बढ़ती हुई दरारें दिखाई दें, कंक्रीट टूटकर गिरने लगे या अंदर की सरिया बाहर नजर आने लगे तो विशेषज्ञ से तत्काल जांच करानी चाहिए।
अगर सरिया में जंग दिखाई दे रही है या पिलर और दीवार के बीच असामान्य गैप बन गया है, तो केवल पुट्टी या सीमेंट लगाकर उसे छिपाना सही तरीका नहीं है। ऐसी स्थिति में स्ट्रक्चरल इंजीनियर से भवन की मजबूती का आकलन कराना चाहिए।
नींव के आसपास जमीन धंसने लगे
मकान की नींव के आसपास की जमीन अचानक बैठने लगे, बाउंड्री के पास मिट्टी धंसती दिखाई दे या नींव की दीवारों में नई दरारें बनने लगें, तो इसकी वजह पानी का रिसाव, खराब ड्रेनेज या जमीन से जुड़ी दूसरी समस्या हो सकती है।
ऐसे बदलाव लगातार बढ़ रहे हों तो विशेषज्ञ से जांच कराना जरूरी है, क्योंकि नींव की समस्या पूरे ढांचे की स्थिरता को प्रभावित कर सकती है।
लगातार सीलन और कंक्रीट का टूटना
दीवारों और छत में लंबे समय तक रहने वाली सीलन को सिर्फ खूबसूरती से जुड़ी समस्या समझना ठीक नहीं है। पानी का लगातार प्रवेश कंक्रीट और उसमें मौजूद स्टील को नुकसान पहुंचा सकता है। स्टील में जंग लगने से वह फैल सकता है और आसपास के कंक्रीट में दरारें पैदा हो सकती हैं।
इसलिए छत से पानी टपकना, कंक्रीट का झड़ना, प्लास्टर का लगातार उखड़ना या सरिया दिखाई देना जैसी समस्याओं की वजह का पता लगाना जरूरी है।
कब तुरंत मकान खाली करना चाहिए?
अगर किसी इमारत में तेजी से बढ़ती संरचनात्मक दरारें, छत या फर्श का स्पष्ट झुकाव, पिलर या बीम का गंभीर क्षतिग्रस्त होना, कंक्रीट का बड़े हिस्से में गिरना या इमारत के एक तरफ झुकने जैसे स्पष्ट संकेत दिखाई दें, तो वहां रहना जोखिम भरा हो सकता है।
ऐसी स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाना चाहिए और स्थानीय प्रशासन या योग्य स्ट्रक्चरल इंजीनियर से तत्काल संपर्क करना चाहिए। यदि इमारत अचानक अस्थिर लग रही हो, तो खुद जांच करने या क्षतिग्रस्त हिस्से के नीचे जाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
हर दरार का मतलब यह नहीं होता कि मकान तुरंत गिरने वाला है। लेकिन नई, बढ़ती हुई या संरचनात्मक हिस्सों में दिखाई देने वाली दरारों को नजरअंदाज भी नहीं करना चाहिए। समय पर विशेषज्ञ से जांच कराना किसी बड़े हादसे को रोकने में मदद कर सकता है।



