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घर में चल रही थी अवैध आरा मशीन: वन विभाग का सर्जिकल स्ट्राइक: लाखों की सागौन-खैर जब्त, माफियाओं में मचा हड़कंप! |

घर में चल रही थी अवैध आरा मशीन: वन विभाग का सर्जिकल स्ट्राइक: लाखों की सागौन-खैर जब्त, माफियाओं में मचा हड़कंप! |

वन मंडल, उड़नदस्ता और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमों ने कोटा और सीपत क्षेत्र में एक साथ छापेमारी कर अवैध चिरान के काले कारोबार का भंडाफोड़ किया है। कोटा के लमकेना में जहां घर की बाड़ी में छिपकर चलाई जा रही मिनी आरा मशीन और इलेक्ट्रिक कटर बरामद किए गए, वहीं सीपत के साजापाली में अवैध रूप से डंप सागौन और खैर की लकड़ी का बड़ा जखीरा जब्त किया गया। दोनों कार्रवाइयों में कुल डेढ़ लाख रुपये से अधिक की वनोपज व कटाई उपकरण बरामद कर वन अपराध के केस दर्ज किए गए हैं।

लमकेना में घर के भीतर खुली थी फैक्ट्री: मिनी आरा मशीन और चैन सॉ जब्त

वन विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि कोटा परिक्षेत्र के लमकेना गांव में बड़े पैमाने पर अवैध लकड़ी की चिराई और बढ़ई का काम चल रहा है। न्यायालय से सर्च वारंट हासिल कर जब वन विभाग, उड़नदस्ता और कोटा थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने आरोपी सुरेश खांडे के मकान व बाड़ी में दबिश दी, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए।

घर के भीतर एक मिनी आरा मशीन, इलेक्ट्रिक चैन सॉ, रमदा मशीन और लकड़ी काटने के कई आधुनिक औजार चालू हालत में मिले। मौके से सागौन, साल और अन्य मिश्रित प्रजातियों की 1.024 घनमीटर चिरान जब्त की गई, जिसकी बाज़ार कीमत करीब 1.50 लाख रुपये आंकी गई है। हालांकि, टीम के पहुंचने से पहले ही मुख्य आरोपी चकमा देकर फरार हो गया। विभाग ने जब्त लकड़ी को कोटा डिपो भेज दिया है और फरार आरोपी के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम 1927 की धाराओं के तहत अपराध क्रमांक 17789/02 दर्ज कर तलाश तेज कर दी है।

सीपत के साजापाली में दूसरा प्रहार: 54 नग सागौन-खैर की सिल्लियां बरामद

कोटा में कार्रवाई के साथ ही वन अमले ने सीपत थाना क्षेत्र के साजापाली (सोंठी) में भी तस्करों की घेराबंदी की। मुखबिर की सटीक निशानदेही पर टीम ने रुद्रनारायण (पिता कीर्तन लाल) के ठिकाने पर दबिश दी। तलाशी के दौरान परिसर से 51 नग बहुमूल्य सागौन और 3 नग प्रतिबंधित खैर प्रजाति की चिरान (कुल 0.506 घन मीटर) बरामद हुई।

जब संदेही से लकड़ी के स्वामित्व और परिवहन से जुड़े वैध कागजात मांगे गए, तो वह कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सका। इसके बाद वन अमले ने पूरी खेप को अपने कब्जे में ले लिया। फिलहाल विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि इस कीमती लकड़ी की कटाई किस संरक्षित जंगल से की गई थी और इसकी सप्लाई कहां होनी थी।

अफसरों का सख्त रुख: जंगलों में गश्त तेज, कड़ी कार्रवाई की चेतावनी

मुख्य वन संरक्षक मनोज पांडेय और वनमंडलाधिकारी नीरज कुमार के कड़े निर्देशों पर हुई इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से लकड़ी तस्करों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि जिले की सीमाओं और संवेदनशील ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध कटाई व तस्करी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कोटा में उपवनमंडलाधिकारी अनिल भास्करन व परिक्षेत्र अधिकारी नितिन लहरे और सीपत में उप वन मंडलाधिकारी टी.आर. मरई व रेंजर यशपाल वर्मा की अगुवाई वाली टीमों ने इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया। वन विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में ऐसे सभी संदिग्ध ठिकानों और अवैध आरा मशीनों पर यह कार्रवाई और तेज की जाएगी।

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