
लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से मौसम का मिजाज लगातार तीसरे दिन बदला हुआ है। शनिवार सुबह राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के करीब 10 शहरों में बारिश हुई। लगातार बरसात और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट आई है और लोगों को समय से पहले सर्दी का एहसास होने लगा है। मौसम वैज्ञानिकों ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के 23 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई है।
लखनऊ समेत कई जिलों में रुक-रुककर बारिश
शनिवार सुबह से लखनऊ में बारिश का सिलसिला जारी रहा। बताया गया कि राजधानी में पिछले करीब 40 घंटे से रुक-रुककर हल्की बारिश हो रही है। इसके अलावा उन्नाव, बाराबंकी, हरदोई और सीतापुर समेत कई जिलों में भी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है।
लगातार बादल छाए रहने और ठंडी हवाएं चलने से मौसम में ठिठुरन बढ़ गई है। प्रदेश के कई जिलों में तापमान में 5 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है।
पश्चिमी यूपी में धूप, कुछ इलाकों में कोहरे का असर
जहां पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है, वहीं पश्चिमी जिलों में मौसम कुछ अलग नजर आया। यहां कई स्थानों पर घने कोहरे के कारण दृश्यता प्रभावित हुई, लेकिन बाद में धूप निकलने से लोगों को राहत मिली। धूप के चलते इन इलाकों में मौसम अपेक्षाकृत सुहावना हो गया।
पूर्वी यूपी के 23 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के मौसम वैज्ञानिक प्रोफेसर रवि शंकर सिंह के अनुसार, शनिवार को पूर्वी उत्तर प्रदेश के 23 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। मौजूदा मौसमी परिस्थितियों को देखते हुए इन इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
लगातार बारिश के कारण तापमान में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। लोगों को मौसम की चेतावनियों पर ध्यान देने और जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
रविवार से मौसम में सुधार के संकेत
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, रविवार से प्रदेश में मौसम धीरे-धीरे सामान्य होने की संभावना है। बारिश का दौर थमने के साथ आसमान साफ हो सकता है और धूप निकलने की उम्मीद है। इसके बाद तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।
फिलहाल चक्रवात के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में ठंडक बढ़ गई है। ऐसे में लोगों को अगले कुछ समय तक मौसम के बदलाव पर नजर रखने की जरूरत है।
Satya Report Disclaimer: यह खबर उपलब्ध मौसम संबंधी रिपोर्ट और वैज्ञानिक के बयान पर आधारित है। मौसम की स्थिति में बदलाव संभव है, इसलिए स्थानीय मौसम चेतावनियों पर ध्यान दें।



